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जयपुर में दूसरे चरण मतदान की तैयारी पूरी, 413 बूथों पर EVM और बैलेट पेपर से होगा चुनाव

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण के लिए जयपुर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. 28 अक्टूबर को आमेर, जालसू, रामपुरा डाबड़ी, शाहपुरा और अमरसर की 5 पंचायत समितियों के 81 वार्डों और जिला परिषद के 11 वार्डों में EVM से मतदान होगा. इसके लिए 413 मतदान केंद्र बनाए गए हैं.

जयपुर में दूसरे चरण मतदान की तैयारी पूरी, 413 बूथों पर EVM और बैलेट पेपर से होगा चुनाव
Image Credit: ZEE Media

गांव की सत्ता का पहला संग्राम खत्म होने के बाद अब दूसरे दौर की चुनावी जंग का बिगुल बज चुका है. जयपुर में पहले चरण की 8 पंचायत समितियों के बाद अब 5 पंचायत समितियों के 81 वार्डों में गांव की सरकार का फैसला होगा. 413 बूथों पर मतदान कराने के लिए पोलिंग पार्टियां कल भवानी निकेतन से रवाना होंगी. खास बात यह है कि मतदान दल 4 रात और 5 दिन गांवों में डेरा डालेंगे. पहले EVM का बटन दबवाकर जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनवाएंगे. फिर बैलेट पेपर से गांव का मुखिया और वार्ड पंच चुनवाएंगे. आखिर में उपसरपंच का चुनाव कराकर ही घर लौटेंगे. यानी पांच दिन, दो तरह की वोटिंग और गांव की सरकार चुनने की पूरी जिम्मेदारी.

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण का संग्राम खत्म होने के बाद अब गांव की सरकार चुनने का दूसरा दौर शुरू होने जा रहा है. पहले चरण में जयपुर जिले की 8 पंचायत समितियों के 146 वार्डों में मतदान के बाद अब दूसरे चरण में 5 पंचायत समितियों के 81 वार्डों में चुनावी मुकाबला होगा. इसके लिए 413 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. खास बात यह है कि मतदान दल 4 रात और 5 दिन गांवों में डेरा डालेंगे. इस दौरान EVM से जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य चुनवाने के बाद बैलेट पेपर से सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव कराएंगे. इसके बाद उपसरपंच का चुनाव संपन्न करवाकर ही मतदान दल वापस लौटेंगे.

जयपुर के भवानी निकेतन से मतदान दलों की कल होगी रवानगी

दूसरे चरण के लिए कल जयपुर के भवानी निकेतन से मतदान दलों की रवानगी होगी. इससे पहले मतदान कार्मिकों को अंतिम प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके बाद पोलिंग पार्टियां EVM और अन्य चुनाव सामग्री लेकर अपने निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगी. जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर संदेश नायक के मुताबिक, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. दूसरे चरण में आमेर, जालसू, रामपुरा डाबड़ी, शाहपुरा और अमरसर पंचायत समितियों में चुनाव होंगे.

28 अक्टूबर को पंचायत समिति के 81 वार्डों और जिला परिषद के 11 वार्डों के लिए EVM से मतदान कराया जाएगा. इसके अगले दिन 29 अक्टूबर को 112 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया होगी. 30 अक्टूबर को बैलेट पेपर से सरपंच और वार्ड पंच चुने जाएंगे. मतदान समाप्त होने के बाद सरपंच पदों के मतों की गणना होगी. इसके अगले दिन 31 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव कराया जाएगा. एक ही मतदान दल को पहले मशीन से और फिर मतपत्र से चुनाव कराना होगा. यानी पांच दिन में चुनाव की दो अलग-अलग व्यवस्थाओं को संभालते हुए गांव की सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

पांच पंचायत समितियों में कहां कितने बूथ 

जयपुर जिले में दूसरे चरण में सबसे बड़ा चुनावी क्षेत्र आमेर पंचायत समिति का होगा. यहां 21 वार्डों के लिए 113 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. वहीं शाहपुरा में 15 वार्डों के लिए सबसे कम 63 मतदान केंद्र होंगे. जालसू में 81 मतदान केंद्र, रामपुरा डाबड़ी में 79 मतदान केंद्र और अमरसर में 77 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. कुल 413 बूथों पर मतदाता गांव की सरकार चुनेंगे. पंचायतीराज चुनाव में मतदान दलों के सामने पांच दिन की चुनावी जिम्मेदारी रहेगी.

27 अक्टूबर को भवानी निकेतन से रवाना होने के बाद मतदान कार्मिक सीधे अपने आवंटित मतदान केंद्रों पर पहुंचेंगे. पहले EVM से जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव कराएंगे. इसके बाद सरपंच और वार्ड पंच पदों के नामांकन, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी कराएंगे. 31 अक्टूबर को अंतिम दिन उपसरपंच का चुनाव संपन्न करवाने के बाद मतदान दलों की वापसी होगी.

मतदान केंद्रों पर मतदान कार्मिकों और मतदाताओं के लिए ये इंतजाम

जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने बताया कि दूसरे चरण के लिए मतदान दलों को निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने का प्रशिक्षण दिया गया है. मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल और दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है. मतदान कार्मिकों के ठहरने और भोजन के भी इंतजाम किए गए हैं. जिला प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि मतदान दलों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो और मतदाता सुगमता से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.

दूसरे चरण का चुनावी कैलेंडर

27 अक्टूबर को भवानी निकेतन से अंतिम प्रशिक्षण के बाद मतदान दल रवाना होंगे. 28 अक्टूबर को 81 पंचायत समिति वार्ड और 11 जिला परिषद वार्डों में EVM से मतदान होगा. 29 अक्टूबर को 112 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन होगा. 30 अक्टूबर को सरपंच और वार्ड पंच के लिए बैलेट पेपर से मतदान और मतदान समाप्ति के बाद मतगणना होगी. 31 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव होगा. जिसके बाद दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी होगी.

बहरहाल, गांव की सत्ता का पहला संग्राम खत्म, अब दूसरे दौर की बारी है. पांच दिन तक गांवों में लोकतंत्र का डेरा रहेगा. पहले EVM का बटन दबेगा, फिर बैलेट पर मुहर लगेगी और आखिर में गांव की सरकार की तस्वीर पूरी होगी. 413 बूथों पर मतदाताओं की परीक्षा होगी, तो 4 रात और 5 दिन मतदान दलों की अग्निपरीक्षा होगी. अब देखना होगा कि दूसरे चरण में गांव की चौधर के लिए कितना जोश दिखता है और लोकतंत्र के इस महापर्व में कितने वोटर घरों से निकलकर बूथ तक पहुंचते हैं.

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