1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को धूल चटाने वाले देश के एक जांबाज नायक (रिटायर्ड) एन.के. शिवानंद रेड्डी ने सिस्टम की बेरुखी और लालफीताशाही से तंग आकर जहर खा लिया। वह कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर जिले के चिंतामणि तालुक के रहने वाले हैं। शिवानंद रेड्डी ने भारतीय सेना की मराठा लाइट इन्फेंट्री में 17 वर्षों तक देश की सेवा की थी। कारगिल युद्ध के दौरान एक नाइट पेट्रोलिंग (रात की गश्त) के समय उनके दाहिने पैर में गंभीर चोटें आई