RBI की मौद्रिक नीति, Q2 कॉरपोरेट नतीजे, पश्चिम एशिया तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.
Share Market Crash Explaine: भारत की GDP ग्रोथ 7.8% की रफ्तार से बढ़ रही है. दुनिया की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाली इकोनॉमी भी शेयर बाजार में गिरावट को रोक नहीं पा रहा.
Stock Market : अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, FII की बिकवाली और बढ़ते अमेरिकी कर्ज के दबाव से भारतीय शेयर बाजार में लगातार आठवें हफ्ते गिरावट जारी है.
सेंसेक्स 570.59 अंक या 0.79% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ है, जबकि निफ्टी 50 198.50 अंक या 0.88% गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ.
Share Market: अक्टूबर के पहले दिन ही शेयर बाजार में भारी तबाही मची. निवेशकों के करीब लाख करोड़ रुपये खाक हो गए. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1.5 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली.
Share Market 29 September: शेयर बाजार में आज भी भारी गिरावट आई. सेंसेक्स 700 अंक की गिरावट के साथ खुला. बाजार की गिरावट के चलते 30 मिनट के भीतर निवेशकों के करीब 4.75 लाख करोड़ डूब गए.
शेयर बाजार, सोना और चांदी में गिरावट के बीच बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.
शेयर बाजार में भारी गिरावट के चलते सेंसेक्स 1,124 अंक और निफ्टी 360 अंक टूटे, जबकि बढ़ते कच्चे तेल के दाम, कमजोर वैश्विक संकेत और एक्सपायरी से पहले बिकवाली से करीब ₹7.5 लाख करोड़ का मार्केट कैप घट गया है.
Sensex and Nifty: हफ्ते के पहले ही दिन सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट देखी गई. शुरुआत में हल्की गिरावट के साथ सफर करने वाला सेंसेक्स बाद में 800 अंक से ज्यादा टूट गया. यही हाल निफ्टी में भी देखा गया और यह गिरकर 23000 अंक के नीचे चला गया.
अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की दिशा कच्चे तेल, अमेरिका-ईरान तनाव और घरेलू आर्थिक आंकड़ों (PMI, GST, ऑटो सेल्स, IIP व राजकोषीय घाटा) से तय हो सकती है.
Share Market: शेयर बाजार में आज भारी तबाही मची. सेंसेक्स 1,247.71 अंक गिरकर बंद हुआ. बाजार निवेशकों ने 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक गंवा दिए. इस बड़ी गिरावट के पीछे वजह क्या है ?
FPI September Outflow: ग्लोबल अनिश्चितता और अमेरिकी ब्याज दर के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने सितंबर महीने में भारतीय शेयर बाजार से 20,974 करोड़ रुपये निकाल लिये. दूसरी तरफ आईपीओ में लगातार निवेश बढ़ रहा है.