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बाजार में अमंगल: ट्रंप की जिद, तेल की आग, डॉलर की मार से शेयर बाजार बेहाल, 30 मिनट में डूबे ₹4.75 लाख करोड़

Share Market 29 September: शेयर बाजार में आज भी भारी गिरावट आई. सेंसेक्स 700 अंक की गिरावट के साथ खुला. बाजार की गिरावट के चलते 30 मिनट के भीतर निवेशकों के करीब 4.75 लाख करोड़ डूब गए.

Written ByBavita Jha
Published: Sep 29, 2026, 11:46 AM IST|Updated: Sep 29, 2026, 11:56 AM IST
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बाजार में अमंगल: ट्रंप की जिद, तेल की आग, डॉलर की मार से शेयर बाजार बेहाल, 30 मिनट में डूबे ₹4.75 लाख करोड़

About the Author

Bavita Jha

Bavita Jha

बवीता झा बिजनेस पत्रकार हैं, उन्हें डिजिटल और टीवी न्यूज़ मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News Hindi (Digital) में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. व्यापार जगत की जटिलताओं और आर्थिक आंकड़ों को आम पाठकों के लिए सरल भाषा में डिकोड करना उनका मजबूत पक्ष है.  • शेयर बाजार • बिजनेस एक्सप्लेनर • पर्सनल फाइनेंस और टैक्सेशन  • कमोडिटी, गोल्ड-सिल्वर ट्रेड• ग्लोबल ट्रेड • जियो इकोनॉमिकस डेवलपमेंट • कारोबार से जुड़ी सरकारी योजना और पॉलिटी • बिजनेस और मार्केट ट्रेंडZee News से पहले बवीता ने नवभारत टाइम्स (NBT) के बिजनेस सेक्शन और Oneindia जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल संस्थानों में इवनिंग शिफ्ट, होम पेज मैनेजमेंट और ट्रेडिंग न्यूज़ की अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं. इसके अलावा महुआ न्यूज़, जनसंदेश और सहारा जैसे टीवी चैनलों में प्रोग्राम प्रोड्यूसर और रनडाउन मैनेजमेंट का उनके पास 4 वर्षों का ठोस अनुभव है.  दिल्ली से पत्रकारिता में स्नातक और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली बवीता, खबरों की सत्यता और वित्तीय मामलों की सटीक रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देती हैं.  बवीता झा से आप bavita.jha@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स  पर https://x.com/youthreporter2 के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. सोशल मीडिया पर कनेक्ट होने के लिए फेसबुक पेज https://www.facebook.com/bavita.jha , इंस्टाग्राम instagram.com/bavita.jha पर जुड़ सकते हैं. बवीता झा की खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं.
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Share market:  शेयर बाजार में गिरावट का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. वैश्विक तनाव, खाड़ी युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी स्टॉक मार्केट पर हावी हो रही है.  बीते हफ्ते की गिरावट सोमवार को और तेज हो गई. मंगलवार को बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला.  सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 1.5% तक फिसल गए.  

सेसेंक्स 700 अंक तक फिसला  

शेयर मार्केट में लगातार आठवें हफ्ते गिरावट जारी है. सोमवार, 28 सितंबर को सेंसेक्स 1124 अंक गिरावट के साथ 72,772 पर बंद हुआ,  निफ्टी में 360 अंक फिसलकर 22,780 पर बंद हुआ. मंगलवार को सेंसेक्स 700 प्वाइंट की गिरावट के साथ 72,633 पर खुला , जबकि Nifty 50 आज 166 अंक की गिरावट के साथ 22,650 पर खुला.

30 मिनट में डूबे  4.75 लाख करोड़ रुपये

29 सितंबर को बाजार में गिरावट के चलते बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैप 4,75,43,563.067 करोड़ से गिरकर  4,70,78,191.10 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यानी बाजार खुले के 30 मिनट के भीतर मार्केट कैप 4,65,371.967 करोड़ घट गया.  सोमवार को इसमें 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई थी. बीते दो दिनों में बाजार से 12 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो चुके हैं.  

बाजार में क्यों आ रही है इतनी बड़ी गिरावट  

बाजार में गिरावट के पीछे कई फैक्टर्स जिम्मेदार है. सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान का युद्ध है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से जंग रोकने से इनकार कर दिया है. जिसके बाद से बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. जिसके बाद अमेरिका-ईरान में जल्द डील के आसार नहीं दिख रहे हैं. तनाव बढ़ने की आशंका के बीच बाजार में दबाव बना हुआ है. 

कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी

एक तरफ युद्ध खत्म नहीं हो रहा है और दूसरी तरफ कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं. कच्चे तेल की कीमत 105-106 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुकी है. तेल के बढ़ते दाम के साथ महंगाई बढ़ रही है. बढ़ती महंगाई केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दर बढ़ाने का प्रेशर बढ़ाती है. अमेरिका-जापान के सेंट्रल बैंकों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से भी रेपो रेट में बढ़ोतरी का खतरा बना हुआ है. जिसकी वजह से निवेशकों में घबराहट है.  

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड की तेजी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है. 10-साल के ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.11% पर पहुंच चुकी है. 30-साल का US बॉन्ड यील्ड 5.7% पर पहुंच चुका है.  बॉन्ड यील्ड सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला सालाना रिटर्न है,जिसे बाजार में खरीद-बिक्री और मांग-आपूर्ति से तय होती है.  

बाजार गिरने के पीछे ये भी है फैक्टर्स

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया गिरता ही जा रहा है. डॉलर के मुकाबले रुपये 96 पर पहुंच चुका है.
FII आउटफ्लो भी बाजार में गिरावट के लिए बड़ा रोल निभा रहे हैं. NSE डेटा के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने बाजार से 5,353 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं. जुलाई, अगस्त में FPI फ्लो पॉजिटिव रहने के बाद सितंबर में विदेशी निवेश की निकासी बाजार पर निगेटिव असर डाल रही है. ग्लोबल बाजार की स्थिति और वैश्विक तनाव की वजह से भारतीय बाजार में गिरावट की स्थिति बनी हुई है. 

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