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Share Market Crash: शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 1,124 अंक टूटा; निवेशकों के ₹7.5 लाख करोड़ स्वाहा, निफ्टी 22,800 के नीचे

शेयर बाजार में भारी गिरावट के चलते सेंसेक्स 1,124 अंक और निफ्टी 360 अंक टूटे, जबकि बढ़ते कच्चे तेल के दाम, कमजोर वैश्विक संकेत और एक्सपायरी से पहले बिकवाली से करीब ₹7.5 लाख करोड़ का मार्केट कैप घट गया है.

Share Market Crash: शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 1,124 अंक टूटा; निवेशकों के ₹7.5 लाख करोड़ स्वाहा, निफ्टी 22,800 के नीचे

Share Market Crash: सोमवार यानी 28 सितंबर को शेयर मार्केट भारी गिरावट के साथ बंद हुआ है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, कमजोर वैश्विक संकेतों और मासिक एक्सपायरी से पहले हुई बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. एक ही कारोबारी सेशन में BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 7.5 लाख करोड़ रुपये घट गया है.
 

सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,780.25 पर बंद हुआ है. BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप शुक्रवार के 4,81,88,998.45 करोड़ रुपये से घटकर 4,74,41,020.35 करोड़ रुपये रह गया है यानी एक कारोबारी सेशन में मार्केट कैप में 7,47,978.10 करोड़ रुपये की कमी आई. ये करीब 7.5 लाख करोड़ रुपये है.

आखिर क्यों गिरा शेयर बाजार?

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें शामिल रहीं. जी बिजनेस के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में जल्द गिरावट आने की उम्मीद अब कमजोर पड़ रही है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा है. सिंघवी ने कहा कि कच्चे तेल को लेकर बाजार की प्रतिक्रिया की सबसे बड़ी वजह ये है कि कीमतों के नीचे आने की उम्मीद धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है. उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में प्रगति नहीं होने को भी एक अहम कारण बताया. उनके मुताबिक, दोनों पक्ष अभी भी अपनी-अपनी स्थिति पर कायम हैं और बातचीत शुरू होने के स्पष्ट संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं.

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

कच्चे तेल की कीमतों को सप्लाई के साथ-साथ डिमांड से भी सपोर्ट मिल रहा है. सिंघवी ने यूरोप में आने वाली सर्दियों और चीन द्वारा तेल का स्टॉक बढ़ाने को ऐसे कारकों के तौर पर बताया, जो कच्चे तेल की मांग को सपोर्ट कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि पहले केवल सप्लाई की समस्या थी. लेकिन, अब इसके साथ वास्तविक मांग की समस्या भी सामने आ रही है. इसी वजह से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है कि कच्चे तेल की कीमतों में जल्द गिरावट देखने को मिलेगी.

बैंक निफ्टी और PSU बैंक शेयरों में भारी बिकवाली

बाजार की गिरावट में बैंकिंग शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला है. निफ्टी बैंक 1.99 प्रतिशत गिरकर 54,471.65 पर बंद हुआ. निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 3.24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 1.51 प्रतिशत नीचे रहा. सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में एलएंडटी 2.70 प्रतिशत , पावर ग्रिड 2.51 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 2.30 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.23 प्रतिशत गिरकर बंद हुए. लेकिन, आईटी सेक्टर पर अपेक्षाकृत कम दबाव रहा. निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.

दबाव में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर

बाजार के व्यापक हिस्से में भी बिकवाली देखने को मिली. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.63 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. वहीं, निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स 2.05 प्रतिशत नीचे बंद हुआ. अनिल सिंघवी के मुताबिक, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट का कारण पूरी तरह से आक्रामक बिकवाली नहीं, बल्कि लॉन्ग पोजीशन की अनवाइंडिंग भी है. व्यापक बाजार में कमजोरी के बीच कुछ निवेशक मिडकैप शेयरों में मुनाफावसूली कर सकते हैं.

निफ्टी के लिए 22,675-22,785 का सपोर्ट जोन अहम

अनिल सिंघवी ने निफ्टी के लिए 22,675-22,785 के स्तर को अगला सपोर्ट जोन बताया है. निफ्टी 22,780.25 के स्तर पर बंद हुआ है यानी यह सपोर्ट जोन के बिल्कुल करीब है. बैंक निफ्टी के लिए उन्होंने 54,300-54,600 के स्तर को अगला सपोर्ट जोन बताया. सिंघवी के मुताबिक, निफ्टी को 23,000-23,750 के स्तर के बीच मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है. वहीं, बैंक निफ्टी में 55,000-55,300 के आस-पास पोजीशन हल्की होने की संभावना है.

मासिक एक्सपायरी से बढ़ी बाजार में अस्थिरता

बाजार में बिकवाली का एक कारण आगामी मासिक एक्सपायरी को भी माना जा रहा है. अनिल सिंघवी के मुताबिक, निवेशक लॉन्ग पोजीशन काट रहे हैं और नई खरीदारी के फैसले को फिलहाल टाल रहे हैं. हालांकि, तेज गिरावट के बाद बाजार में कुछ खरीदारी शॉर्ट-कवरिंग की वजह से भी देखने को मिली.

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About the Author

Gaurav Singh

Gaurav Singh

जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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