दशहरे पर रावण दहन देखने पहुंचे लोगों ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि कुछ ही पलों में उन्हें अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ेगा. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में रावण के जलते पुतले से पटाखे और रॉकेट भीड़ की तरफ जाते दिखाई दे रहे हैं. फिर क्या था, देखते ही देखते वहां ऐसी अफरा-तफरी मची कि लोगों को अक्षय कुमार की फिल्म भागम भाग याद आ गई.
दशहरे पर मंगलवार को जोश और उत्साह के बीच रावण दहन के कार्यक्रम हुए. इनमें दिल्ली सबसे आकर्षण का केंद्र रहा. जहां पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए.
राजस्थान में विजयादशमी पर हर्षोल्लास के साथ रावण दहन किया गया. इस दौरान भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकलाने के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रावण के पुतले का दहन हुआ.उत्सव को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे.
कर्नाटक के मैसूर में मनाया जाने वाले दशहरा उत्सव की देश-दुनिया में धूम रहती है. इस बार भी शहर में इस उत्सव को देखने के लिए हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा.
दशहरे पर देशभर में घमंड और दुराचार के प्रतीक रावण का पुतला जलाया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि देश में रावण दहन की शुरुआत कब और कैसे हुई थी.
मशहूर एक्टर रवि किशन पहली बार दिल्ली की अयोध्या की रामलीला में भगवान राम बने. इस दौरान उन्होंने युवाओं को खास संदेश दिया. ऐसे में आइए सबसे पहले उनके राम लुक पर नजर डालते हैं, जिसे दर्शकों ने काफी ज्यादा पसंद किया है.
Ravan Dahan Muhurat 2026 : आज 20 अक्टूबर 2026 को देश के अधिकांश हिस्सों में दशहरा या विजयादशमी पर्व मनाया जा रहा है. रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों के दहन की तैयारियां जोरो पर हैं. जानिए रावण दहन के लिए मुहूर्त क्या हैं?
आज दशहरा 2026 पर भगवान राम की पूजा करने के लिए केवल 46 मिनट का विजय मुहूर्त है. जानिए ये मुहूर्त कब है और विजयादशमी पर पूजा का सही तरीका, श्रीराम के मंत्र और आरती.
दशहरा पर विजय मुहूर्त में पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है. लेकिन इस साल विजयादशमी पर विजय योग बन रहा है. दशहरा पर विजय योग का बनना अतिउत्तम माना गया है. 20 अक्टूबर को दशहरा का दिन किन राशियों के लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता है.
रावण के किरदार की जब भी बात होती है तो सबसे पहले अरविंद त्रिवेदी का नाम ही हर किसी की जुबान पर आता है. रावण का किरदार टीवी से लेकर भारतीय सिनेमा तक हमेशा चर्चा में बना रहता है. इन दिनों साउथ सुपरस्टार यश अपने रावण के किरदार को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं.
इस साल यानी 2026 में दशहरा का पर्व कब मनाया जाएगा, इस पर्व पर विजयदशमी पूजा और रावण दहन का शुभ मुहूर्त क्या है? आइए इस बारे में विस्तार से जान लें ताकि पर्व की डेट और शुभ मुहूर्त को लेकर किसी भी तरह का कन्फ्यूजन न रहे.
त्रिशूल, वज्र, सुदर्शन जैसे की दिव्य शस्त्रों का हिंदु धर्म में जिक्र होता है जो देवी-देवताओं द्वारा धारण किए जाते हैं. आइए जानें इन अस्त्र-शस्त्र के पौराणिक रहस्य क्या हैं और इनके गहरे आध्यात्मिक संदेश क्या हैं.
राजस्थान में 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर दशहरे की धूम रहेगी. कोटा में 105 फीट से अधिक ऊंचा रावण अपनी गर्दन 360 डिग्री घुमाएगा, आंखें झपकाएगा और तलवार चलाएगा. वहीं, कुचामन सिटी में 51 फीट, बारां में 55 फीट और छबड़ा में 50 फीट के रावण का दहन किया जाएगा. उदयपुरवाटी में 21 फीट का रावण जलेगा.
दशहरे पर सिर्फ रावण दहन और शस्त्र पूजा ही नहीं होती है. बल्कि यह दिन विद्यारंभ परंपरा के लिए भी बेहद शुभ माना जाता है. दक्षिण भारत में इसे लेकर विशेष अनुष्ठान किया जाता है. जानिए यह परंपरा क्या है और इसका क्या महत्व है.
साल 2026 में दशहरा 20 अक्टूबर को है या 21 अक्टूबर, इस बात को लेकर इस समय सबसे बड़ा कंफ्यूजन है. इसके पीछे वजह है दशमी तिथि का 2 दिन पड़ना. जानिए रावण दहन करने और वाहन व शस्त्र पूजन करने की सही तारीख और मुहूर्त क्या है?
20 अक्टूबर को दशहरे पर गांव-गांव, शहर-शहर में रावण दहन होगा. कुछ जगहों पर 21 अक्टूबर को भी दशहरा मनाया जाएगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस रावण के पुतले को हर साल जलाया जाता है, उसके मरने पर किसने उसकी चिता को अग्नि दी थी?
जयपुर के आदर्श नगर श्रीराम मंदिर में मथुरा के मुस्लिम कारीगर चांद बाबू का परिवार पिछले 5 पीढ़ियों से रावण के पुतले बना रहा है. इस बार 25 कारीगर मिलकर 120 फीट ऊंचा रावण और 105 फीट ऊंचा कुंभकर्ण तैयार कर रहे हैं. मंदिर परिसर में रहते हुए परिवार सात्विक भोजन करता है.
भीलवाड़ा में दशहरे पर रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले बनाने का काम करीब 50 साल से हिंदू और मुस्लिम परिवार मिलकर कर रहे हैं. इस बार तेजाजी चौक में 51 फीट ऊंचा रावण और 35-35 फीट के मेघनाथ-कुंभकरण के पुतले तैयार किए जा रहे हैं. रावण की आंखों से अंगारे निकलने और नाभि में चक्र चलने जैसे खास आकर्षण भी होंगे.
दशहरा या विजयादशमी का दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है. साथ ही यह कई शुभ कार्य करने के लिए अबूझ मुहूर्त भी माना गया है. जानिए दशहरे के दिन कौन-कौनसे काम करना बेहद शुभ माना गया है.
21 अक्टूबर से शुरू होने वाले ऐतिहासिक कुल्लू दशहरे में रावण दहन के बजाय 300 से अधिक देवी-देवताओं का मिलन होता है, इस खबर में राजा जगत सिंह और भगवान रघुनाथ जी से जुड़ा इसका 366 साल पुराने इतिहास के बारे में जानेंगे.
दशहरा पर्व इस साल 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा. इस मौके पर दशहरे से जुड़ी एक रोचक कहानी जानते हैं कि कैसे एक पेड़ से सोना बरसा था. उसकी याद में आज भी लोग उस पेड़ की पूजा करते हैं और समृद्धि की कामना करते हुए उसकी पत्तियां बांटते हैं.