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राजस्थान के 10 शहरों में रावण का अंत! देखिए भव्य आतिशबाजी और दहन की 10 सबसे शानदार तस्वीरें!

राजस्थान में विजयादशमी पर हर्षोल्लास के साथ रावण दहन किया गया. इस दौरान भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकलाने के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रावण के पुतले का दहन हुआ.उत्सव को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे.

राजस्थान के 10 शहरों में रावण का अंत! देखिए भव्य आतिशबाजी और दहन की 10 सबसे शानदार तस्वीरें!
Image Credit: रावण दहन की तस्वीरें

राजस्थान में दशहरा पर्व परंपरा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया. जगह-जगह रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए. आतिशबाजी और जय श्रीराम के जयकारों के बीच लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया. बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचे. दशहरे की कई इलाकों से तस्वीरें आई.

जयपुर में 105 फीट के रावण का हुआ दहन

Jaipur Rawan Dahan
आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी की चमक... मैदान में खचाखच भरी भीड़... हर किसी की निगाहें 105 फीट ऊंचे रावण पर टिकी थीं. तभी भगवान श्रीराम के स्वरूप ने धनुष पर अग्निबाण चढ़ाया और रावण की नाभि पर निशाना साधा. अगले ही पल रावण की आंखों से शोले भड़क उठे, मुंह से आग के गोले निकलने लगे और देखते ही देखते अहंकार का प्रतीक रावण धू-धू कर जल उठा. इसी के साथ पूरा दशहरा मैदान ''जय श्रीराम... जय श्रीराम'' के उद्घोष से गूंज उठा. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस नजारे को अपने मोबाइल कैमरे में कैद करता नजर आया. जयपुर के आदर्श नगर स्थित दशहरा मैदान में विजयदशमी का उल्लास चरम पर दिखाई दिया. श्रीराम मंदिर प्रन्यास एवं श्री सनातन धर्म सभा की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में 105 फीट ऊंचे रावण और 90 फीट ऊंचे कुंभकर्ण के विशालकाय पुतलों का दहन किया गया. 

टोडारायसिंह में धूमधाम से मनाया गया दशहरा 

Dussehra
टोंक के टोडारायसिंह में नगर पालिका के सौजन्य से दशहरा मैदान में हर्षोल्लास के साथ दशहरा मनाया गया. इससे पूर्व शहर के श्रीराम मंदिर से भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. दशहरा समारोह में कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी सपत्नीक मौजूद रहे. कार्यक्रम में पहले कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया, इसके बाद रावण दहन हुआ. इस भव्य आयोजन को देखने के लिए शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे. कार्यक्रम में पालिका अध्यक्ष संत कुमार जैन, अधिशासी अधिकारी पवन कुमार बेनीवाल और समस्त पार्षदगण भी मौजूद रहे. पूरे उपखंड क्षेत्र में दशहरा पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया.

मकराना में कुंडल पर निशाना साधकर किया रावण दहन

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मकराना शहर में मंगलवार को दशहरा पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया. इस अवसर पर चारभुजा विकास समिति के तत्वावधान में भगवान श्री चारभुजा नाथ की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो दोपहर 3:15 बजे चारभुजा मंदिर से रवाना होकर दशहरा मेला मैदान पहुंची. यहां भगवान की पूजा-अर्चना के साथ अतिथियों का स्वागत किया गया. दशहरा महोत्सव के मुख्य अतिथि सतगुरुदेव श्री श्री मुकुंद शरण महाराज रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कुंवर सूर्यवीर सिंह चौहान ने की. पारंपरिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच शाम 6:15 बजे समिति अध्यक्ष कुंवर सूर्यवीर सिंह चौहान ने रावण के कुंडल को निशाना बनाकर पुतले का दहन किया. इसके बाद पुतले में की गई आतिशबाजी से आसमान रोशन हो उठा और मैदान में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के जयघोष के साथ उत्सव मनाया. कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति रियाज अहमद गौड़, उपसभापति फरहान गहलोत, भाजपा शहर मंडल के पूर्व अध्यक्ष कपिल तोषनीवाल सहित हजारों की संख्या में शहरवासी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे. रावण दहन के माध्यम से असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया.

31 फीट ऊंचे रावण के पुतले का किया गया दहन

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झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी कस्बे में विजयादशमी का पर्व परंपरा और उत्साह के साथ मनाया गया. दादूपंथी स्वामी समाज की सामाजिक संस्था पंचायत पांचों अखाड़ों के पंच भंडारी के तत्वावधान में दशहरा उत्सव के तहत रावण दहन का आयोजन किया गया. इस दौरान 31 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया. रावण वध देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. दादूपंथी स्वामी समाज की ओर से यहां सैकड़ों वर्षों से दस दिवसीय दशहरा उत्सव मनाने की परंपरा चली आ रही है. नवरात्र के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और विजयादशमी पर रावण दहन के साथ उत्सव का समापन होता है. दादूपंथी समाज की परंपरा के अनुसार, पूर्व में रावण वध के दौरान बंदूकों से निशाना लगाया जाता था, लेकिन पिछले पांच वर्षों से प्रशासनिक प्रतिबंधों के चलते बंदूकों का उपयोग बंद है. इस बार भी रावण वध विशेष रूप से तैयार किए गए बाण से किया गया. रावण दहन के साथ कस्बे में दशहरा उत्सव का समापन हुआ.

डूंगरपुर में आंखों से आतिशी तीर और धमाकों के साथ हुआ रावण दहन 

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डूंगरपुर जिले में दशहरे पर आज मंगलवार शाम शहर में भगवान रामजी सहित राम दरबार की बैंड बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई. रामजी की सवारी में वानर सेना के साथ ही बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. वहीं, शहर के लक्ष्मण मैदान में 45 फीट ऊंचे 10 सिर वाले रावण के पुतले के साथ ही बेटे मेघनाथ और भाई कुंभकरण के पुतले का दहन किया गया. रावण दहन के इस उत्सव को देखने लोगो की भीड़ उमड़ी.पुतलों की आंखों से आतिशी तीर और धमाकों के साथ ही तीनों पुतले खाक हो गए.  

रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा आसमान

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सत्य की असत्य पर और अच्छाई की बुराई पर विजय के प्रतीक विजयादशमी का पर्व पीपाड़ सिटी में बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया. दशहरा मैदान में आयोजित मेले में हजारों की संख्या में शहरवासियों एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. इस बार दशहरा महोत्सव का विशेष आकर्षण रावण के साथ मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन रहा. रावण दहन के बाद भव्य आतिशबाजी की गई, जिससे आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा. आतिशबाजी का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदान में मौजूद रहे. 

सीकर में आतिशबाजी के बीच गूंजे जय श्रीराम के जयकारे

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सीकर के नीमकाथाना में विजयदशमी के पर्व पर नीमकाथाना में जोलड़ा जोहड़ा और गांवड़ी मोड़ पर रावण दहन किया गया. इस दौरान जमकर आतिशबाजी हुई और बड़ी संख्या में शहरवासी कार्यक्रम देखने पहुंचे. भगवान श्रीराम ने अग्निबाण चलाकर रावण का अंत किया. इसके साथ ही कुंभकरण के पुतले का भी दहन किया गया. भगवान श्रीराम ने अग्निबाण चलाया, जिससे रावण का पुतला धूं-धूं कर जल उठा. आतिशबाजी के बीच लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए. विजयदशमी के अवसर पर दोनों स्थानों पर लोगों की भीड़ जुटी और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया.

जालौर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया दशहरा

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बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक विजयदशमी पर्व पर जालौर में दशहरा उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन किया गया. पुतला दहन के साथ हुई आकर्षक आतिशबाजी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का उत्साह बढ़ाया. दशहरा उत्सव देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे और कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया. भगवान श्रीराम की ओर से रावण पर विजय प्राप्त करने की स्मृति में मनाया जाने वाला यह पर्व बुराई को त्यागकर अच्छाई के मार्ग पर चलने का संदेश देता है.

शूर्पणखा और ताड़का के पुतलों का भी किया गया दहन 

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बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दशहरा का त्यौहार जोधपुर के रामलीला मैदान में मनाया गया. नगर निगम की ओर से रामलीला मैदान में करीब 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया. रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के साथ शूर्पणखा और ताड़का के पुतलों का भी दहन किया गया. इससे पहले भीतरी शहर के फतेहपोल से रामरथ सवारी निकली. इस दौरान विधिवत पूजा-अर्चना की गई. इस दौरान इसमें शामिल अखाड़ों ने करतब किए और मुंह से आग भी निकाली. नगर निगम महापौर प्रसन्न चंद मेहता, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और पूर्व नरेश गजसिंह ने इलेक्ट्रिक वायर का बटन दबाकर रावण के पुतले का दहन किया. इस बार नगर निगम की ओर से दावा किया गया था कि रावण भव्य होगा और देर तक चलेगा लेकिन हर बार की तरह इस बार भी रावण महज 40 से 50 सेकेंड में धराशाही हो गया. रावण दहन में विधायक अतुल भंसाली,पुलिस आयुक्त अंशुमन भोमिया,डीसीपी ट्राफिक शाहीन सी, डीसीपी वेस्ट कमल शेखावत ,निगम आयुक्त राहुल जैन , डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ. बीएस जोधा सहित कई अतिथि पहुंचे.

खाटूश्यामजी में दशहरा महोत्सव की धूमधाम

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सीकर जिले की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में दशहरा महोत्सव धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. महोत्सव के तहत रावण टीले पर हजारों दर्शकों की मौजूदगी में 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया. रावण दहन के दौरान उपस्थित लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल से गूंज उठा. महोत्सव का आगाज मुख्य बाजार में शूर्पणखा नृत्य के साथ हुआ. इसके बाद भगवान के विभिन्न अवतारों की सजीव झांकियां नगर भ्रमण करते हुए रावण टीले पर पहुंचीं. आकर्षक वेशभूषा और धार्मिक प्रसंगों पर आधारित झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया. रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे और पूरा आयोजन आकर्षण का केंद्र बना रहा. रावण दहन के बाद मुख्य बाजार स्थित कबूतर चौक पर रातभर नृसिंह लीला का मंचन होगा. इसमें भगवान के 24 अवतारों की विभिन्न लीलाओं का प्रदर्शन नृत्य और सजीव मंचन के माध्यम से किया जाएगा. धार्मिक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा दशहरा महोत्सव क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है.

 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन 


असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व कोटपूतली में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। राजकीय सरदार उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित दशहरा महोत्सव में 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया. इस दौरान मैदान में हजारों की संख्या में लोग उमड़े और दशहरा उत्सव के साक्षी बने. महोत्सव के अवसर पर भगवान श्रीराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने आयोजन को धार्मिक रंग और उत्सवी माहौल प्रदान किया. शोभायात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया. वहीं, रावण दहन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग खेल मैदान में एकत्रित हुए. 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन दशहरा महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहा. रावण दहन के साथ ही बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया. पूरे आयोजन के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला और मैदान में जनसैलाब उमड़ पड़ा.

भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंजा स्टेडियम 

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बाड़मेर शहर के आदर्श स्टेडियम में विजयादशमी का मुख्य आयोजन धूमधाम से संपन्न हुआ. आयोजन में रावण दहन के दौरान भगवान श्रीराम के जयकारों से स्टेडियम गूंज उठा. कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति गौतम जैन, जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और उत्तरलाई एयरफोर्स स्टेशन के स्टेशन मास्टर समित गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध के प्रतीकात्मक मंचन और रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया. 

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About the Author

Sneha Aggarwal

Sneha Aggarwal

मैं स्नेहा अग्रवाल जी राजस्थान न्यूज में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं और राजस्थान से जुड़ी हर बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी न्यूज़ पर पकड़ रखती हूं. क्राइम और कल्चर की खबरों में दिलचस्पी है. मुझे डिजिटल मीडिया का करीब 4 साल का साल का अनुभव है. इससे पहले मैं ZeeBihar में अपनी सेवाएं दे चुकी हूं. 4 साल के जर्नलिज्म करियर में लोकल, क्राइम, हेल्थ, एंटरटेनमेंट, वायरल और लाइफस्टाइल बीट पर काम किया है. मैंने यहां पर राजस्थान विधानसभा चुनाव, पंचायत चुनाव, ऑपेरशन सिंदूर समेत कई बड़े ईवेंट्स कवर किए हैं.
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