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20 अक्टूबर 2026 को दशहरा पर्व मनाया जाएगा. हालांकि कुछ जगहों पर 21 अक्टूबर को भी दशहरा मनाया जा सकता है. इस दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन होता है, उन्हें सम्मान से विदाई जाती है और रात में अधर्म, बुराई के प्रतीक रावण का पुतला जलाया जाता है. भगवान राम की पूजा भी इस दिन विशेष रूप से की जाती है. लेकिन इसके अलावा भी दशहरा पर कई शुभ कार्य करने की परंपरा है क्योंकि यह दिन बेहद शुभ माना गया है.
सोना खरीदना : जिस तरह अक्षय तृतीया और धन तेरस के दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है, वैसे ही दशहरे के दिन भी सोना-चांदी खरीदना सुख-समृद्धिदायक माना गया है. महाराष्ट्र समेत कई दक्षिण भारतीय राज्यों में इस दिन लोग सोना-चांदी खरीदते हैं.
शस्त्रों के साथ मशीन-औजारों की पूजा : दशहरे को विजयादशमी कहते हैं यानी कि विजय पाने का दिन. इसलिए इस दिन शस्त्रों की पूजा की जाती है. साथ ही दशहरे के दिन मशीनों, औजारों, वाहनों की पूजा की जाती है. ताकि करियर, कामकाज में आगे बढ़ते रहें, उन्नति मिले.
नई शुरुआत : नए काम की शुरुआत करने के लिए भी दशहरे का दिन बेहद शुभ माना गया है. इस दिन नया बिजनेस करने, नए प्रतिष्ठान की शुरुआत करना, घर-गाड़ी खरीदना समृद्धि और सफलतादायी माना गया है.
शमी के पेड़ की पूजा : दशहरे की शाम को शमी के पेड़ की पूजा की जाती है और उसकी पत्तियां तिजोरी में रख दी जाती हैं. माना जाता है कि इससे धन बढ़ता है.
विद्यारंभ : दशहरे का दिन विद्यारंभ करने का दिन भी होता है. इस दिन बच्चों के हाथ में कलम देकर उनकी पढ़ाई की शुरुआत कराई जाती है. नया कोर्स शुरू कर सकते हैं. कारोबारी नई बही की पूजा करके उसकी शुरू करते हैं.
साथ ही दान-पुण्य करें, गरीब-जरूरतमंदों की मदद करें. मंदिर में दीपक जलाएं. प्रभु राम की पूजा करें.
दशहरे का दिन त्याग का दिन भी है. इस दिन अपनी बुरी आदतों को छोड़ें, नकारात्मक विचारों को त्यागें और सकारात्मकता की ओर कदम बढ़ाएं.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित परंपराओं पर आधारित है. इन अनुष्ठानों की विधि और मान्यताएं क्षेत्र तथा परिवार के अनुसार अलग हो सकती हैं. किसी धार्मिक अनुष्ठान से धन, सफलता या समृद्धि की निश्चित प्राप्ति का दावा नहीं किया जाता.)