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19 अक्टूबर 2026 को अष्टमी और नवमी एकसाथ मनाई जा रही है. वहीं दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाए या 21 अक्टूबर को इसे लेकर खासी उलझन है. ऐसे में विजयादशमी या दशहरे पर रावण दहन करने का मुहूर्त जानना जरूरी है. साथ ही आश्विन शुक्ल दशमी यानी कि विजयादशमी तिथि कब से कब तक है. इस साल दशहरा पर वाहन पूजा और शस्त्र पूजा करने के लिए विजय मुहूर्त कब है, जानिए सारी डिटेल्स.
प्रोकेरला पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्ल दशमी यानी कि विजया दशमी तिथि 20 अक्टूबर 2026 की दोपहर 12:50 बजे से प्रारंभ होगी और 21 अक्टूबर 2026 की दोपहर 02:12 बजे समाप्त होगी. चूंकि रावण दहन रात में किया जाता है और दशमी तिथि की रात 20 दिसंबर को पड़ रही है. ऐसे में 20 अक्टूबर की रात को रावण दहन करना उचित होगा. हालांकि स्थानीय पंचांगों में तिथि को लेकर समय में कुछ अंतर हो सकता है.
देश के अधिकांश राज्यों में 20 अक्टूबर को ही दशहरा मनाया जाएगा लेकिन पश्चिम बंगाल में 21 अक्टूबर को मनाया जाएगा.
दशहरे के दिन मां दुर्गा की और भगवान राम की पूजा होती है. साथ ही लोग अपने वाहनों की पूजा करते हैं, शस्त्रों, मशीनों, औजारों की पूजा करते हैं. यह पूजा विजय मुहूर्त में करना शुभ माना जाता है, ताकि कामकाज में तरक्की हो.
इस साल दशहरे पर पूजा मुहूर्त दोपहर 01:59 बजे से 03:37 बजे तक है. वहीं पूजा के लिए विजय मुहूर्त दोपहर 01:59 बजे से 02:45 बजे तक है.
रावण दहन प्रदोष के बाद या सूर्यास्त के बाद करना ही शुभ माना जाता है. 20 अक्टूबर को प्रदोष शाम 05:47 बजे से शुरू होगा. वहीं सूर्यास्त शाम 05:53 बजे होगा. लिहाजा इस समय के बाद ही रावण दहन के लिए उत्तम समय रहेगा. हालांकि इस मामले में भी अलग-अलग स्थानों पर सूर्यास्त के समय में बदलाव के कारण रावण दहन मुहूर्त में कुछ अंतर हो सकता है.
(Disclaimer: यह सामग्री धार्मिक मान्यताओं, प्रचलित परंपराओं एवं उपलब्ध धार्मिक स्रोतों पर आधारित है. विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों और परंपराओं के अनुसार व्रत-त्योहारों की तिथि, पूजा-विधि एवं मान्यताओं में अंतर संभव है. पाठक इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में देखें.)