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टाइगर श्रॉफ से जुड़े गोलीबारी मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है. वे पहले से पुलिस की हिरासत में थी और अधिकारी उनसे हमले की साजिश के बारे में जानने के लिए पूछताछ कर रहे थे. आरोप है कि दोनों महिलाओं ने कथित तौर पर मुंबई जाकर शूटर्स को हथियार पहुंचाए थे.
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में बबीता ने दावा किया कि उसे टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश की जानकारी नहीं थी. वह राधा के साथ एक यात्रा पर गई थी. इसके लिए कथित तौर पर कुणाल ने राधा को 20,000 से 25,000 रुपये दिए थे. बबीता के अनुसार, राधा ने होटल में एक व्यक्ति को ढका हुआ डिब्बा सौंपा और बताया कि उसमें कुणाल के दोस्त के लिए मेडिकल किट है.
बबीता ने कहा कि उसे शक हुआ था, लेकिन राधा बार-बार बहाने बनाकर उसे समझाती रही. उसने हथियार पहुंचाने या गोलीबारी की साजिश की जानकारी होने से इनकार किया है. मामले की जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि बबीता के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. मामले में उसकी कथित भूमिका और हथियारों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क की जांच जारी है.
बताते चलें कि एक्टर टाइगर श्रॉफ पर यह कातिलाना हमला 18 अक्तूबर की शाम का हुआ था. उस वक्त टाइगर मुंबई के जुहू में बने एक ग्राउंड में फुटबॉल खेलकर अपनी कार से घर जा रहे थे. ग्राउंड से निकलने के बाद वे आगे की साइड सीट पर बैठे थे और ड्राइवर फिरदौस उनकी गाड़ी चला था.
उसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे तीन हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी थीं. दो हमलावरों ने उनकी कार पर 5 गोलियां दागीं, जबकि तीसरा हमलावर बाइक स्टार्ट करके बैठा रहा. वारदात के बाद तीनों हमलावर बाइक पर बैठकर वहां से भाग निकले, जिन्हें बाद में राजस्थान के कोटा से पकड़ा गया. वहीं, नीचे झुक जाने की वजह से टाइगर श्रॉफ इस जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गए. पुलिस अब इस हमले की वजह की तह में जाने में जुटी है.