ईरान के वरिष्ठ सांसद ने इजरायल को धमकी देते हुए कहा कि अगर उनके मुल्क के खिलाफ कोई भी गलत कदम उठाया गया तो 60 मिनट से भी कम वक्त में इजरायल को रहने लायक नहीं छोड़ेंगे. इस पर इजरायल ने भी पलटवार किया है.
सऊदी और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है. इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी ईरान को लेकर हर दिन एक नया बयान दे रहे हैं. रविवार को हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उनकी ओर से रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया गया.
ईरान की ओर से अमेरिकी राजनयिकों को निशाना बनाए जाने की खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद अमेरिका सतर्क हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाशिंगटन ने पश्चिम एशिया के कई देशों में अपने राजनयिकों की संख्या को बहुत सीमित कर दिया है.
क्या अमेरिका के हमले की आहट के बीच ईरान पूरी दुनिया का इंटरनेट ठप करने की तैयारी में है? जानिए डीएनए की इस खास रिपोर्ट में अमेरिका-ईरान तनाव और ग्लोबल इंटरनेट ब्लैकआउट के खतरे का पूरा सच.
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के चलते मिडिल ईस्ट में तनाव का माहौल है. इस बीच एक ऐसी खबर आई है, जिसने अमेरिका को डरा सा दिया है. यही वजह है कि उसने 4 दूतावासों में स्टाफ घटाने का डिसीजन लिया है.
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के इतर उसके दूतावासों पर नया और गंभीर खतरा मंडरा रहा है. एक खुफिया रिपोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के अफसरों को होश उड़ा दिए हैं. जिसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब समेत कई देशों में अपने वाणिज्य दूतावासों के लिए नई एडवाइजरी जारी करते हुए सभी जरूरी और एहतियाती कदम उठा लिए हैं.
फारस की खाड़ी से लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य तक कारोबारी जहाजों और टैंकरों की सुरक्षा को लेकर तनाव एक बार फिर से चरम पर है. ईरानी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आईआरजीसी की नौसेना ने 4 जहाजों को निशाना बनाते हुए वहां अपनी मजबूती का दावा किया है. ईरान ने इस अहम कारोबारी रूट का माहौल खराब करने को लेकर अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले शुक्रवार को ईरान को धमकी दी थी कि वह उस पर मदर ऑफ ऑल बम गिरा सकते हैं. अब ईरान ने पलटवार किया है. उसने कहा है कि अगर यूएस के पास MOAB है तो हमारे पास भी फादर ऑफ ऑल बम है.
इजरायली राष्ट्रपति नेतन्याहू अपनी कूटनीतिक चाल से यू-टर्न लेते हुए अक्टूबर में ईरान पर हमलों की नई सीरीज लॉन्च करने जा रहे थे, लेकिन ट्रंप ने उन्हें रोक दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति की महज एक कॉल पर इजरायली नेताओं का ओके कह देना पुरानी रणनीति साझेदारी का हिस्सा है, लेकिन इस बार ट्रंप के कहने और नेतन्याहू के तत्काल मान जाने की वजह कुछ और लेकिन कॉमन थी.
अमेरिका के साथ जंग और तनाव के कारण ईरान को भी काफी नुकसान हो रहा है. इस वजह से आईआरजीसी को अपने लड़ाकों को सैलरी देने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लिहाजा, हमास और हिज्बुल्लाह जैसे संगठन अपना फंड वापस ईरान भेज रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के बेहद सुरक्षित और अंडरग्राउंड फैसिलिटी पिकैक्स माउंटेन पर हमला कर उसे तबाह करने के बारे में सोच रहे हैं. माना जाता है कि इसके बहुत अंदर ईरान का बेहद एनरिच्ड यूरेनियम रखा हुआ है.
अमेरिका और ईरान के बीच फिर से जंग छिड़ सकती है. CNN की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका ईरान के ठिकानों पर मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स का इस्तेामल कर सकता है. चलिए जानते हैं कि यह क्या है?
ईरान के फाइनेंशियल नेटवर्क पर अमेरिकी कार्रवाई का दायरा अचानक बढ़ गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कई देशों तक अपने एक्शन का दायरा बढ़ाते हुए उन बैंकों, तेल कारोबारियों और कंपनियों को टारगेट किया है, जो आईसीयू में औंधे मुंह गिरे ईरानी रियाल को किसी न किसी तरह से वेंटिलेटर सपोर्ट दे रहे थे.
ईरान ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि वह डेटा सेंटर्स, केबल्स पर हमला करेगा. अगर ऐसा हुआ तो मिडिल ईस्ट में अमेरिका से जुड़े कारोबारों पर असर पड़ सकता है. इसके अलावा दुनिया के अन्य हिस्सों में भी इंटरनेट प्रभावित हो सकता है.
लेबनान में युद्ध के कारण तबाह हुए घरों के पुनर्निर्माण के लिए हिज्बुल्लाह ने ईरान से मिली फंडिंग के जरिए राहत राशि का वितरण शुरू कर दिया है. पढ़िए पूरी विस्तृत रिपोर्ट.
ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हमलों की वजह से पर्यावरण को हुए नुकसान की जवाबदेही तय करने की मांग की है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मुल्क की ऑयल रिफायनरी पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों से हुए वायु प्रदूषण के अलावा जहरीले केमिकल्स से ईरानी लोगों की सेहत और मुल्क के इकोसिस्टम को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया.
रूस के राष्ट्रपति पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान के बीच तुर्कमेनिस्तान में द्विपक्षीय वार्ता हुई. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की. इस दौरान दोनों ने आपसी सहयोग बढ़ाने के प्रयास पर जोर दिया. इधर, पेंटागन ने ईरान पर हमले की नई प्लानिंग तैयार कर ली है.
ईरान और अमेरिका के बीच अब जमीनी युद्ध की आशंका बढ़ती जा रही है. ऐसे में ईरान अपनी तैयारी में जुटा है. तेहरान में महिलाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर उनको मैदान में उतारा जा सके.
US Deploys Troops To Middle East: अमेरिरा ने ईरान पर वापस हमले के लिए अपनी तैयारी तेज कर दी है. बताया जा रहा है कि अमेरिका लगभग 9,000 सैनिकों के साथ कई जहाज मिडिल ईस्ट भेज रहा है.
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को देश छोड़ने का फरमान सुनाया है. दरअसल, यह डेलिगेशन यूएनजीए के बाद शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए न्यूयॉर्क में रुका हुआ था. लेकिन उसके बावजूद शांति वार्ता में कोई प्रगति नहीं हो पाई.
Iran Prepares for US Attack: ईरान को अमेरिका की ओर से परमाणु हमला का खौफ सता रहा है. उसने अपने सैनिकों को CBRN सेफ्टी किट बांटी हैं. इसके साथ ही, 46 अहम ठिकानों पर सैन्य तैयारी बढ़ाई गई है.
अमेरिका के साथ जंग लड़ने के दौरान ईरान ने सोशल मीडिया का जबरदस्त इस्तेमाल किया है. अब एक बार फिर उसने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सफल फिल्मों में से एक शोले के किरदार में खुद को महसूस किया है.