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पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच बैठक हुई. दोनों नेताओं के बीच तुर्कमेनिस्तान में द्विपक्षीय वार्ता हुई. इस विशेष बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच के संबंधों को मजबूत करने के साथ आर्थिक और व्यापार सहयोग बढ़ाने से लेकर पश्चिम एशिया के वर्तमान हालात पर चर्चा हुई. ये बैठक ऐसे समय पर हुई, जब अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन ने ईरान पर हमला करने के लिए नई रणनीति अपनाने पर विचार कर रहा है.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (08 अक्टूबर) को कहा था कि वाशिंगटन की ओर से नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि कांग्रेस चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा. इसी बीच दो घटनाक्रमों ने लोगों की ध्यान अपनी ओर खींचा है. एक ओर रूस और ईरान के बीच बैठक हुई है, तो दूसरी ओर ट्रंप के ऐलान से इतर पेंटागन ने तेहरान पर नए हमले की तैयारी कर ली है.
गुरुवार (08 अक्टूबर) को तुर्कमेनिस्तान के तुर्कमेनबाशी में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. इस दौरान परिवहन, व्यापार और साझा परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार बढ़ाने पर चर्चा हुई. दोनों नेता स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल (CIS) के शिखर सम्मेलन और कैस्पियन सागर से जुड़े पर्यावरणीय सम्मेलन के दौरान मिले थे.
रूसी समाचार एजेंसियों ने एएफपी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ बातचीत की और पश्चिम एशिया के संघर्ष को समाप्त करने में मदद के लिए हर संभव मदद का प्रयास करने का वादा किया. पुतिन ने कहा कि ईरान स्थिति को सुलझाने के लिए नए सुझाव और प्रस्ताव पेश कर रहा है.
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप की हिचकिचाहट के बीच पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) ने ईरान पर हमले के लिए नई योजनाएं तैयार की हैं. बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने पेंटागन के आदेश के बाद तीन दिनों तक ईरान पर हमले के लिए विकल्प तैयार कर लिया है, लेकिन इसकी तारीख को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है. पेंटागन ने अमेरिकी सेना को ईरान पर कई हमले करने के लिए तैयार रहने का आदेश दिया है.
बताया जा रहा है कि उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने पिछले शुक्रवार को कैंप डेविड में वरिष्ठ अधिकारियों को इस ऑपरेशन के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. कहा यह भी जा रहा है कि तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब क्षेत्रीय जलक्षेत्र में तैनात हो रहे हैं और आदेश मिलने के तुरंत बाद हमला को तैयार हैं.
गौर करने वाली बात है कि पेंटागन की ओर से ईरान पर हमले की प्लानिंग ऐसे समय पर की जा रही है, जब एक दिन पहले ही ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि कांग्रेस चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा. ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान छह महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए सार्थक बातचीत कर रहे हैं. बता दें कि अमेरिका में नवंबर में ही मध्यावधि चुनाव होने हैं, जिनमें ट्रंप की प्रतिष्ठा दांव पर मानी जा रही है.