कोलकाता में हुए हादसे का नया वीडियो सामने आया है. बारिश हो रही है. एक बेहद संकरे से रास्ते पर छाता लगाए कई लोग जल्दी-जल्दी आगे बढ़ रहे हैं. अचानक कुछ ऐसा होता है कि सारा मंजर बदल जाता है. कोहराम मच जाता है.
कोलकाता से लेकर दिल्ली तक के विशालकाय दुर्गा पूजा पंडालों की चर्चा न सिर्फ पूरे भारत बल्कि दुनियाभर में होती है. इन पंडालों को बनाने में सैकड़ों लोगों की मेहनत और बहुत सारा समय लगता है. भगवती दुर्गा की पूजा और उपासना से जुड़े इस उत्सव की वजह से कई लोगों को पंडाल के पास रोजगार मिलता है, जिससे उनके घरों का चूल्हा जलता है, ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि इन्हें बनाने में कितना खर्च आता है.
कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पंडाल में हुई भगदड़ ने लोगों को डरा दिया है. इस हादसे में 19 लोगों की जान गई है. सीएम सुवेंदु अधिकारी ने मामले की जांच एसआईटी से कराने की बात कही है. पुलिस ने शुरुआती जांच के लिए कमेटी मेंबर समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है.
कोलकाता पुलिस ने बताया कि गिरीश पार्क पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चोरबगान सार्वजनीन पूजा पंडाल के EXIT गेट पर बारिश के दौरान पंडाल में आए लोगों की भारी भीड़ के कारण अचानक भगदड़ मच गई. यह घटना रात करीब 7:45 बजे घटी. आइए जानते हैं रविवार को क्या कुछ हुआ.
कोलकाता के चोरबागान (सरदा पार्क) दुर्गा पूजा पंडाल में हुए भीषण हादसे और भगदड़ में 19 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो गई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं. भारी भीड़ और बारिश के बीच हुए इस दर्दनाक हादसे की पूरी कवरेज और तस्वीरें यहां देखें.
Kolkata Stampede: पश्चिम बंगाल में शनिवार को दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि लोगों की तादाद ज्यादा होने के चलते हालात बेकाबू हुए.
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार रात उस समय दुर्गा पूजा की खुशियां मातम में बदल गईं, जब चोरबागान सार्वजनीन पूजा पंडाल का एक हिस्सा गिर गया. बताया जा रहा है कि यह हादसा ज्यादा लोग होने की वजह से हुआ है. इसमें अब तक 17 लोगों की मौत हो गई है. इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दी है.
चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के वक्त मौके पर क्या हालात थे. कैसे संकरी गली में बारिश के चलते भीड़ जुटी और फिर यह हादसा हुआ.
कोलकाता में सप्तमी के दिन दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच अचानक हुई बारिश से अफरा-तफरी मच गई, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई. जानिए क्या थी इस हादसे की असली वजह और प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर.
यह हदसा चिंगरीघाटा फ्लाईओवर की है, जिसकी दुर्गा पूजा के मद्देनजर रंगाई-पुताई कराई गई थी, बुधवार दोपहर जैसे ही हल्की बारिश हुई तो पेंट की वजह से सड़क पर फिसलन बढ़ गई, लिहाजा कई बाइक रपटकर गिरीं.
हैरी पॉटर की जादुई दुनिया और कोलकाता की दुर्गा पूजा का मेल सुनने में दिलचस्प लगता है ना, लेकिन यही मेल एक बार बड़े विवाद की वजह बन गया था. साल 2007 में कोलकाता के साल्ट लेक इलाके की एक दुर्गा पूजा समिति ने अपने पंडाल को हॉगवर्ट्स कैसल जैसा लुक दिया. मामला इतना बढ़ा कि लेखिका जेके राउलिंग और वॉर्नर ब्रदर्स ने कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई कर दी.
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज (सोमवार, 12 अक्टूबर) सुबह-सुबह 8 जगहों पर ईडी की छापेमारी से हड़कंप मच गया है. जानकारी के मुताबिक, अमृत प्रोजेक्ट लिमिटेड में निवेश से जुड़े मामले में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है.
अब तक केवल दिसंबर महीने में रोशनी से जगमगाने वाला पार्क स्ट्रीट स्थित एलन पार्क इस बार एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बनने जा रहा है. करीब 370 वर्षों के इतिहास में यहां पहली बार दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है.
कोलकाता के एसआरएफटीआई के बाहर रविवार को जमकर बवाल हुआ है. हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने इंस्टीट्यूट का गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस के साथ धक्का मुक्की हुई और बड़ी मुश्किल से स्थिति को संभाला गया.
कोलकाता की सड़कों पर गुब्बारों का गुच्छा लेकर धीरे-धीरे चलते 70 साल के समीर काका को देखकर शायद कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि वह रोज कितनी लंबी लड़ाई लड़कर घर लौटते हैं. पैरों में तकलीफ, पुरानी बीमारी और चलने में परेशानी के बावजूद वह रोज करीब 8 किलोमीटर पैदल चलते हैं, 6 घंटे से ज्यादा गुब्बारे बेचते हैं और करीब 150 रुपये कमाकर परिवार का पेट पालते हैं.
कोलकाता के स्कूल में माओ, चे ग्वेरा समेत विदेशी नेताओं की तस्वीरों को लेकर ABRSM ने आपत्ति जताई है. संगठन ने 7 दिन में विदेशी इन्फ्लुएंसर्स की तस्वीरें हटाने का अल्टीमेटम दिया था. उस पर बड़ा एक्शन हुआ है.
SIR ट्रिब्यूनल से जुड़े एक जज ने घर से ऑफिस तक खराब रास्ते और लंबे सफर के कारण इस्तीफा देने का ऐलान किया है. उन्होंने अपना त्यागपत्र कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र विट्ठलराव घुगे को दिया है.