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सप्तमी पर दुर्गा पूजा पंडाल में उमड़ी थी भीड़... तभी हो गई बारिश, कोलकाता में भगदड़ की ये थी वजह! हेल्पलाइन नंबर जारी

कोलकाता में सप्तमी के दिन दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच अचानक हुई बारिश से अफरा-तफरी मच गई, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई. जानिए क्या थी इस हादसे की असली वजह और प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर.

सप्तमी पर दुर्गा पूजा पंडाल में उमड़ी थी भीड़... तभी हो गई बारिश, कोलकाता में भगदड़ की ये थी वजह! हेल्पलाइन नंबर जारी
Image Credit: बारिश बनी आफत! दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक क्यों मची भगदड़? जानिए कोलकाता हादसे की असली वजह और हेल्पलाइन नंबर

दुर्गा सप्तमी के दिन कोलकाता के चोर बागान स्थित दुर्गा पंडाल में भगदड़ मच गई जिसके बाद इस हादसे में 17 लोगों की मौत की हो गई है. वहीं हादसे में 25 लोग घायल भी हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए कोलकाता के मेडिल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है, जबकि एक की हालत गंभीर है. सीएम सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई है. अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल-चाल जानने के लिए सीएम अस्पताल पहुंचे हैं. इसके अलावा आस-पास के कई दुर्गा पंडालों को बंद करवा दिया गया है. हादसे पर गृहमंत्री अमित शाह ने भी दुख जताया है.

इस हादसे को लेकर जी संवाददाता मोमिता ने बताया कि चोर बागान के दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ की वजह से अचानक भगदड़ मच गई जिसकी वजह से ये हादसा हुआ. मोमिता ने बताया कि कोलकाता के दुर्गा पंडालों में ऐसी भीड़ होना नॉर्मल बात है लेकिन अचानक मौसम खराब हो गया और बारिश होने लगी जिसकी वजह से बाहर के लोग भी पंडाल के अंदर आ गए और पुलिस इस मामले को हैंडल नहीं कर पाई. इस बीच प्रशासन ने लोगों को अपने परिजनों का हाल चाल जानने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं.

गृह मंत्री अमित शाह ने जताया दुःख

गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर दुःख व्यक्त किया और एक्स पर लिखा, 'अभी-अभी कोलकाता के चोर बागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ का अत्यंत दु:खद समाचार मिला. इस संबंध में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी जी से बात की. इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं और परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. प्रशासन द्वारा घायलों को हर संभव मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है. पश्चिम बंगाल के अपने कल के सभी कार्यक्रम स्थगित कर अस्पताल जाकर घायलों से मिलूंगा. मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.'

हादसे के वक्त पुलिस भीड़ को काबू नहीं कर पाई?

मोमिता ने बताया कि 7: 40 पर ये घटना हुई है आज सप्तमी का दिन है. कोलकाता का एक जनरल सिस्टम है कि पांडाल में दर्शन करने के लिए एक साधारण लाइन होती है और एक वीवीआईपी की लाइन होती है लेकिन इस भगदड़ ने लाइन तोड़ दिया और कोई ये समझ नहीं पाया कि अचानक से ये क्या हो गया? पुलिस और मेडिकल टीम बड़े पांडालों के बाहर मौजूद रहती है लेकिन जब घटना हुई तो उस समय उतनी एंबुलेंस मौजूद नहीं थीं लेकिन थोड़ी ही देर में प्रशासन ने और एंबुलेंस बुलवाई और घटना स्थल से घायलों को अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया गया. अपने परिजनों से बातचीत करने के लिए आप इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं.  18003455678, 03322141310

मौसम खराब होने से बिगड़ा मामला

मोमिता ने बताया कि बंगाल का जो कल्चर है उसके मुताबिक इतनी भीड़ होनी स्वाभाविक बात है लेकिन अब ये घटना एक्सीडेंटली हो गई है. सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन दुर्गा पांडालों में भीड़ बढ़ती है तो ऐसे में इस भीड़ को लेकर किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था लेकिन मौसम खराब होने की वजह से मची भगदड़ की वजह से ये मामला बिगड़ गया. इसके अलावा ये पांडाल जहां पर स्थित है वहां पर गली काफी संकरी है जिसकी वजह से एंबुलेंस को जाने में भी परेशानी हो रही है और रेस्क्यू ऑपरेशन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

सीएम सुवेंदु अधिकारी और स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पहुंचे

जी संवाददाता अयान शर्मा ने बताया कि ये नॉर्थ कोलकाता की सबसे बड़ी दुर्गा पूजा कमेटी है. यहां पर लोगों की भीड़ रात की दुर्गा पूजा देखने के लिए पहुंची है. इस हादसे के बाद सीएम सुवेंदु अधिकारी के अलावा पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री भी अस्पताल पहुंचे हैं. कुछ लोगों की हालत सीरियस है तो कुछ लोगों की मौत की खबर तो है लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

 

हादसे में 19 लोगों की मौत 

जी संवाददाता कामलाक्ष ने बताया कि इस पंडाल में हजारों श्रद्धालु आ रहे हैं. भगदड़ के बाद बिखरे हुए जूते और चप्पल इस हादसे की कहानी बयां कर रहे हैं. इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई हैै. जबकि लगभग 25 लोग घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. कई लोगों की हालत सीरियस है. घायलों में बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं. इतने छोटे पंडाल में इतनी भीड़ कैसे पहुंच गई ये समझ में नहीं आ रहा है. इस हादसे के पीछे ये सवाल खड़े होते हैं कि आखिर जब भीड़ बढ़ने लगी तो क्यों लोगों को पंडाल में आने से रोका नहीं गया. अब इस बात की जांच चल रही है कि आखिर इतनी भीड़ महज 5 मिनट में कैसे पंडाल में घुस गई.

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Ravindra Pratap Singh

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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