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दुर्गा सप्तमी के दिन कोलकाता के चोर बागान स्थित दुर्गा पंडाल में भगदड़ मच गई जिसके बाद इस हादसे में 17 लोगों की मौत की हो गई है. वहीं हादसे में 25 लोग घायल भी हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए कोलकाता के मेडिल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है, जबकि एक की हालत गंभीर है. सीएम सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई है. अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल-चाल जानने के लिए सीएम अस्पताल पहुंचे हैं. इसके अलावा आस-पास के कई दुर्गा पंडालों को बंद करवा दिया गया है. हादसे पर गृहमंत्री अमित शाह ने भी दुख जताया है.
इस हादसे को लेकर जी संवाददाता मोमिता ने बताया कि चोर बागान के दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ की वजह से अचानक भगदड़ मच गई जिसकी वजह से ये हादसा हुआ. मोमिता ने बताया कि कोलकाता के दुर्गा पंडालों में ऐसी भीड़ होना नॉर्मल बात है लेकिन अचानक मौसम खराब हो गया और बारिश होने लगी जिसकी वजह से बाहर के लोग भी पंडाल के अंदर आ गए और पुलिस इस मामले को हैंडल नहीं कर पाई. इस बीच प्रशासन ने लोगों को अपने परिजनों का हाल चाल जानने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं.
अभी-अभी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ का अत्यंत दु:खद समाचार मिला। इस संबंध में मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी जी से बात की। इस हादसे में जान गँवाने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूँ और परिवारजनों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। प्रशासन द्वारा घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। पश्चिम बंगाल के अपने कल के सभी कार्यक्रम स्थगित कर अस्पताल जाकर घायलों से मिलूँगा। माँ दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।
— Amit Shah (@AmitShah) October 17, 2026
गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर दुःख व्यक्त किया और एक्स पर लिखा, 'अभी-अभी कोलकाता के चोर बागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ का अत्यंत दु:खद समाचार मिला. इस संबंध में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी जी से बात की. इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं और परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. प्रशासन द्वारा घायलों को हर संभव मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है. पश्चिम बंगाल के अपने कल के सभी कार्यक्रम स्थगित कर अस्पताल जाकर घायलों से मिलूंगा. मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.'
मोमिता ने बताया कि 7: 40 पर ये घटना हुई है आज सप्तमी का दिन है. कोलकाता का एक जनरल सिस्टम है कि पांडाल में दर्शन करने के लिए एक साधारण लाइन होती है और एक वीवीआईपी की लाइन होती है लेकिन इस भगदड़ ने लाइन तोड़ दिया और कोई ये समझ नहीं पाया कि अचानक से ये क्या हो गया? पुलिस और मेडिकल टीम बड़े पांडालों के बाहर मौजूद रहती है लेकिन जब घटना हुई तो उस समय उतनी एंबुलेंस मौजूद नहीं थीं लेकिन थोड़ी ही देर में प्रशासन ने और एंबुलेंस बुलवाई और घटना स्थल से घायलों को अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया गया. अपने परिजनों से बातचीत करने के लिए आप इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं. 18003455678, 03322141310
मोमिता ने बताया कि बंगाल का जो कल्चर है उसके मुताबिक इतनी भीड़ होनी स्वाभाविक बात है लेकिन अब ये घटना एक्सीडेंटली हो गई है. सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन दुर्गा पांडालों में भीड़ बढ़ती है तो ऐसे में इस भीड़ को लेकर किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था लेकिन मौसम खराब होने की वजह से मची भगदड़ की वजह से ये मामला बिगड़ गया. इसके अलावा ये पांडाल जहां पर स्थित है वहां पर गली काफी संकरी है जिसकी वजह से एंबुलेंस को जाने में भी परेशानी हो रही है और रेस्क्यू ऑपरेशन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
जी संवाददाता अयान शर्मा ने बताया कि ये नॉर्थ कोलकाता की सबसे बड़ी दुर्गा पूजा कमेटी है. यहां पर लोगों की भीड़ रात की दुर्गा पूजा देखने के लिए पहुंची है. इस हादसे के बाद सीएम सुवेंदु अधिकारी के अलावा पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री भी अस्पताल पहुंचे हैं. कुछ लोगों की हालत सीरियस है तो कुछ लोगों की मौत की खबर तो है लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
जी संवाददाता कामलाक्ष ने बताया कि इस पंडाल में हजारों श्रद्धालु आ रहे हैं. भगदड़ के बाद बिखरे हुए जूते और चप्पल इस हादसे की कहानी बयां कर रहे हैं. इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई हैै. जबकि लगभग 25 लोग घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. कई लोगों की हालत सीरियस है. घायलों में बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं. इतने छोटे पंडाल में इतनी भीड़ कैसे पहुंच गई ये समझ में नहीं आ रहा है. इस हादसे के पीछे ये सवाल खड़े होते हैं कि आखिर जब भीड़ बढ़ने लगी तो क्यों लोगों को पंडाल में आने से रोका नहीं गया. अब इस बात की जांच चल रही है कि आखिर इतनी भीड़ महज 5 मिनट में कैसे पंडाल में घुस गई.