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'मार्क्सवाद' के महिमामंडन पर ब्रेक: Mao, Che और Chavez की तस्वीरों पर बवाल, ABRSM के अल्टीमेटम के बाद स्कूल से हटी Photos

कोलकाता के स्कूल में माओ, चे ग्वेरा समेत विदेशी नेताओं की तस्वीरों को लेकर ABRSM ने आपत्ति जताई है. संगठन ने 7 दिन में विदेशी इन्फ्लुएंसर्स की तस्वीरें हटाने का अल्टीमेटम दिया था. उस पर बड़ा एक्शन हुआ है.

'मार्क्सवाद' के महिमामंडन पर ब्रेक: Mao, Che और Chavez की तस्वीरों पर बवाल, ABRSM के अल्टीमेटम के बाद स्कूल से हटी Photos
Image Credit: (X)

कोलकाता के ढाकुरिया स्थित लेकव्यू हाई स्कूल में लगी माओत्से तुंग, चे ग्वेरा, ह्यूगो शावेज और हो ची मिन्ह की तस्वीरों पर विवाद खड़ा हो गया है. अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की स्कूल एजुकेशन शाखा (ABRSM) ने स्कूल प्रबंधन से मुलाकात कर तस्वीरें हटाने का अनुरोध किया है. सात दिनों के अल्टीमेटम के बाद आखिरकार ढाकुरिया के स्कूल ने विदेशी मार्क्सवादी इन्फ्लुएंसर्स की तस्वीरों को हटा दिया है. आपको बताते चलें लेक व्यू हाई स्कूल की स्थापना 1940 में हुई थी. बंगाल में लगभग 35 साल तक वामपंथी सरकारों का राज रहा. उसके बाद टीएमसी के बैनर तले ममता बनर्जी ने 2011, 2016 और 2021 के चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर 15 साल तक अपनी सरकार चलाई, लेकिन इन नायकों की तस्वीरें नहीं हटाई गई थी. 

नई सरकार में बड़ा बदलाव

4 मई, 2026 को पश्चिम बंगाल में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद हुए सत्ता परिवर्तन के करीब पांच महीनों बाद ये बड़ा बदलाव देखने को मिला है. लेकव्यू हाई स्कूल में माओत्से तुंग, चे ग्वेरा, ह्यूगो शावेज और हो ची मिन्ह की तस्वीरें लगाए जाने को लेकर संगठन के प्रतिनिधियों ने स्कूल के टीचर इन चार्ज से बातचीत करके इन सभी विदेशी मार्क्सवादी विचारधारा से जुड़े दिग्गजों की तस्वीरों को हटाने का अनुरोध किया था. 

हटाई गई तस्वीरें

इसके साथ ही, स्कूल में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें क्यों नहीं हैं, इसे लेकर भी संगठन ने सवाल उठाया था. मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक एक अक्टूबर को ही स्कूल ने कुछ तस्वीरों को हटा दिया है. इससे पहले ABRSM का दावा है कि चीन के माओ, क्यूबा के चे और वेनेजुएला के ह्यूगो चावेज भी क्रांति की विचारधारा के समर्थक थे. आपको बताते चलें कि इस पूरे मुद्दे को लेकर स्कूल के अभिभावकों से भी बातचीत की गई थी. संगठन के मुताबिक, अगले सात दिनों के भीतर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है और आपत्ति वाली तस्वीरों को हटाने की बात कही गई है.

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक लेकिन स्कूल मेनेजमेंट ने आज से ही तस्वीरों को उतार दी हैं.

'विवादित विदेशी नायक'

चीन के माओ इतने ताकतवर थे कि कोई उनका विरोध करने की हिम्मत नहीं करता था और जिसने भी उनका विरोध करने की हिम्मत की उसे माओ ने आजीवन कारावास में डाल दिया.

क्यूबा के च्वे इतने ताकतवर थे कि कोई उनका विरोध भी नहीं कर सकता था. वो एक जिद्दी कॉमरेड थे जिसकी कूटनीति से अमेरिका तक हैरान रह गया था.

इसी तरह ह्यूगो चावेज की नीतियों में मार्क्सवादी प्रभाव स्पष्ट रूप से झलकता था. 

इन तीनों के सार्वजनिक जीवन पर कई आरोप भी लगे. ऐसे नायकों की तस्वीर एक स्कूल में दशकों तक लगे रहना हैरान करता है.
  

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About the Author

Shwetank Ratnamber

Shwetank Ratnamber

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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