केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने 12 अक्टूबर, 2026 दिन सोमवार को राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जहां जाना चाहें, जा सकते हैं, जो कहना है कहें, 2029 में जनता जवाब देगी.
जीतन राम मांझी के तिलचट्टा वाले बयान पर चिराग पासवान ने सख्त आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीति करने के लिए कुछ भी बोल देते हैं, ऐसे बयान नहीं देना चाहिए.
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को कथित रूप से ट्रांसजेंडर कहे जाने पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कड़ी आपत्ति जताई है. उनकी आपत्ति पर सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है. कुछ लोग इस घटनाक्रम पर सरप्राइज भी हैं.
आरक्षण के मुद्दे पर लोजपा-आर और हम के बीच शुरू हुई बयानबाजी अब व्यक्तिगत हमलों में बदल चुकी है. जमुई में जेडीयू और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भी हम विधायक प्रफुल्ल मांझी के समर्थन में लोजपा-आर सांसद अरुण भारती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
ऐसा नहीं है कि जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बीच केवल आरक्षण को लेकर रार छिड़ी हो. लोकसभा चुनाव, 2024 और विधानसभा चुनाव, 2024 के दौरान सीटों के तालमेल को लेकर भी इन दोनों नेताओं की बयानबाजी चर्चाओं में रही थी.
सिकंदरा से हम के विधायक प्रफुल्ल मांझी ने राज्य सरकार आरक्षण की समीक्षा के साथ उपवर्गीकरण पर भी विचार करने की मांग की है. विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक परिवारों ने आरक्षण और राजनीतिक अवसरों का लाभ अपने परिवार तक सीमित रखा.
चिराग पासवान अनुसूचित जाति के प्रभावशाली वर्ग से आते हैं, तो जीतन राम मांझी मुसहर जाति से ताल्लुक रखते हैं. मांझी का आरोप है कि आरक्षण का लाभ प्रभावशाली वर्ग ले रहा है और उनकी जाति तक इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.