मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी माता स्व. रूपी सोरेन की अस्थियां रजरप्पा के दामोदर-भैरवी संगम तट पर विसर्जित किया. इस दौरान उनके साथ पूरा परिवार जाड्ंग बाहा तुपुनाई घाट पर मौजूद रहा.
दिशोम गुरु दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर नेमरा स्थित उनके पैतृक आवास लाया गया. यहां से अंतिम यात्रा निकाली गई. इस दौरानझारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और हजारों ग्रामीणों ने घाट पर पहुंचकर दिवंगत आत्मा को आखिरी जोहार और श्रद्धांजलि अर्पित की.
झारखंड हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गुरुवार को 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है. रांची के SC/ST पुलिस स्टेशन में 31 जनवरी, 2024 को उनके द्वारा दर्ज कराई गई FIR से जुड़े एक मामले में जवाब दाखिल करने में देरी के लिए पर ये जुर्माना ठोका है.
रांची की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ 8.86 एकड़ भूमि घोटाला मामले में आरोप तय कर दिए. हालांकि, हेमंत सोरेन ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन वह खारिज हो गई.
बड़गाईं जमीन मामले में सीएम हेमंत सोरेन पर आरोप कोर्ट ने तय कर दिया है. अब आरोप तय होने के बाद में अदालती लड़ाई शुरू होगी. इस दौरान गवाहों की गवाही होगी.
रांची की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने बड़गाईं जमीन फर्जीवाड़ा मामले में सीएम हेमंत सोरेन पर आरोप तय कर दिया है. अब मामले में 30 नवंबर, 2026 से ट्रायल शुरू होगा.
झारखंड में MMDR को लेकर सियासत तेज होती जा रही है. सत्ता पक्ष जहां इसको लेकर सड़कों पर है, वहीं बीजेपी इस कानून को राज्य हित में बता रही है. बीजेपी का आरोप है राज्य सरकार एमएमडीआर को लेकर राज्य की जनता को गुमराह कर रही है.
एमएमडीआर (MMDR) अधिनियम के विरोध में झारखंड की राज्य सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है. राज्य सरकार 5 और 6 अक्तूबर को एमएमडीआर को लेकर दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित कर सकती है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के पास रहे विभागों का आवंटन कर दिया है. सीएम ने अनुच्छेद 166(3) से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए दिवंगत मंत्री के तीनों विभागों की जिम्मेदारी खुद उठाने का फैसला लिया है.
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर अब सीएम हेमंत सोरेन को PMLA कोर्ट में पेश होना होगा. आज की सुनवाई में कोर्ट ने 21 सितंबर को पेशी मुकर्रर की है. मुख्यमंत्री को वर्चुअल रूप से कोर्ट में पेश होने की छूट दी गई है.
2024 में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने अपने ऐतिहासिक फैसले में कहा था कि राज्य खनिज और भूमि पर टैक्स लगा सकते हैं, लेकिन केंद्र सरकार के नए कानून से इस पर रोक लग गई.