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एमएमडीआर के खिलाफ सत्ताधारी दलों के विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ अब राज्य सरकार इसे लेकर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करने जा रही है. कांग्रेस के प्रदेश महासचिव शशिभूषण राय ने कहा कि एमएमडीआर के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी भी राज्य सरकार से विशेष सत्र बुलाने की मांग करती है और पूरा गठबंधन इस लड़ाई में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने एमएमडीआर को बिना विपक्ष से चर्चा किए पास कराया है. राज्य सरकार को जल्द से जल्द इसके खिलाफ विशेष सत्र बुलाना चाहिए, कांग्रेस उनके साथ है. उन्होंने कहा कि सदन में यह स्पष्ट दिखेगा कि बीजेपी किस तरह इस मुद्दे पर एक्सपोज होती है. इस लड़ाई को राजनीतिक, संवैधानिक और कानूनी रूप से लड़ा जाएगा.
राजद के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एमएमडीआर पर झारखंड राजद भी राज्य सरकार के स्टैंड के साथ खड़ी है. पार्टी इसको लेकर राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन भी करेगी. राज्य सरकार के हर फैसले के साथ राष्ट्रीय जनता दल मुस्तैदी से खड़ा है.
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा और नीयत यहां के लोगों के लिए साफ नहीं है. पिछले सात सालों में कितनी खदानों की नीलामी हुई, कितनों में उत्पादन शुरू हुआ और उन पर आधारित कितने उद्योग स्थापित हुए सरकार को इसका हिसाब देना चाहिए. विशेष सत्र बुलाने का तमाशा करने के बजाय अगर सरकार छात्रों के हित में विशेष सत्र बुलाती और बेची गई सीटों में सुधार के लिए कदम उठाती, तो लगता कि वह छात्रों के प्रति गंभीर है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो नियम राज्यों के हित में बनाए हैं, सरकार उनके खिलाफ विशेष सत्र ला रही है, जबकि उसे राज्य की जनता और छात्रों की कोई चिंता नहीं है.
झारखंड बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि अगर सरकार विशेष सत्र बुलाती है, तो सदन में बीजेपी की क्या भूमिका होगी, इसका फैसला विधायक दल की बैठक में तय किया जाएगा. हालांकि, जो भी मंच मिलेगा, उसमें हम सशक्त तरीके से बताएंगे कि झारखंड को इससे क्या फायदा है. जेएमएम को परेशानी इसलिए हो रही है, क्योंकि इस नए नियम में अवैध खनन को लेकर कड़े प्रावधान शामिल हैं.
बता दें कि मिली जानकारी के अनुसार, हेमंत सरकार 5 और 6 अक्तूबर को एमएमडीआर को लेकर दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित कर सकती है. इस पर 25 सितंबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में मुहर लग सकती है.
रिपोर्ट: कुमार चंदन