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क्या है बड़गाईं जमीन घोटाला? जिसमें बुरे फंस गए सीएम हेमंत सोरेन और तय हो गए आरोप, जानें सबकुछ

रांची की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ 8.86 एकड़ भूमि घोटाला मामले में आरोप तय कर दिए. हालांकि, हेमंत सोरेन ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन वह खारिज हो गई.

क्या है बड़गाईं जमीन घोटाला? जिसमें बुरे फंस गए सीएम हेमंत सोरेन और तय हो गए आरोप, जानें सबकुछ
Image Credit: क्या है बड़गाईं जमीन घोटाला? (Photo-AI)

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही हैं. रांची की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने 8.86 एकड़ भूमि घोटाला मामले में उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं. अब इस केस की अगली सुनवाई 30 नवंबर, 2026 को होगी. चलिए इस ऑर्टिकल में जानते हैं कि आखिर क्या है बड़गाईं जमीन घोटाला? जिसमें बुरे फंस गए सीएम हेमंत सोरेन और तय हो गए आरोप.

क्या है बड़गाईं जमीन घोटाला? और मामले के पूरे घटनाक्रम को, जानिए

20 अप्रैल, 2023
ईडी (ED) की टीम ने रांची के बड़गाईं क्षेत्र में स्थित 8.86 एकड़ जमीन का सर्वे किया था. यहां के केयरटेकर संतोष मुंडा का बयान दर्ज किया था, जिसने दावा किया है कि हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ दो-तीन बार वहां आए थे.

1 जून, 2023
पुरानी कार्रवाई में मिले दस्तावेजों के आधार पर सदर थाने में एफआईआर दर्ज की गई.

12 जून, 2023
भानु प्रताप प्रसाद के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज हुई. ईडी के मुताबिक, इस शिकायत की एक कॉपी बाद में हेमंत सोरेन के आवास पर छापेमारी के दौरान मिली, जिससे जाहिर होता है कि उन्हें जांच की पहले से भनक थी.

7 अगस्त, 2023
ईडी ने भूमि घोटाले के सिलसिले में हेमंत सोरेन को पहला समन भेजा.

17 अगस्त, 2023
ईडी का समन मिलने के ठीक बाद राजकुमार पाहन नाम के शख्स ने जमीन की जमाबंदी रद्द कराने के लिए आवेदन दे दिया.

9 जनवरी, 2024
अनुसूचित क्षेत्र विनियमन अधिकारी ने अंचल अधिकारी को चिट्ठी लिखकर जमीन के वर्तमान कब्जे की जानकारी मांगी थी. इसी दिन रिपोर्ट भी तलब कर ली गई थी.

11 जनवरी, 2024
सर्किल इंस्पेक्टर की रिपोर्ट आई कि वहां संतोष पाहन पिछले 5-6 सालों से रह रहा है. जमीन भुइहारी यानी गैर-बिक्री योग्य आदिवासी जमीन श्रेणी की थी, लेकिन रिकॉर्ड पंजी-2 में 17 लोगों के नाम चढ़े हुए थे.

29 जनवरी, 2024
वहीं, जब दिल्ली में हेमंत सोरेन के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी चल रही थी, उसी दिन एसएआर कोर्ट ने जमीन खतियानी मालिक को सौंपने का आदेश जारी कर दिया. अंचल अधिकारी ने आनन-फानन में जमाबंदी रद्द कर ऑनलाइन रिकॉर्ड बदल दिए.

31 जनवरी, 2024
तब लंबी पूछताछ और नाटकीय घटनाक्रम के बाद ईडी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया था. उनको जून 2024 में झारखंड हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी. हालांकि, अब इस मामले में सीएम हेमंत पर रांची की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने आरोप तय कर दिया है, जिसके बाद अब कोर्ट में केस चलेगा और सुनवाई होगी.

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About the Author

Shailendra

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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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