झारखंड में MMDR को लेकर सियासत तेज होती जा रही है. जेएमएम महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने MMDR को लेकर कहा कि बीजेपी को समझ नहीं है, क्योंकि बीजेपी की मानसिकता गुलामी की है. बीजेपी नेताओं में इतना दम नहीं कि वो राज्य के हित में बात करे. झारखंड से बीजेपी के इतने लोकसभा और राज्यसभा के सांसद हैं. इन लोगों ने कभी भी राज्य हित में बात नहीं की है. राज्य सरकार की मांगों पर कभी बात नहीं किया है. राज्य का 1 लाख 36 हजार करोड़ खनिज का बकाया है, उस पर बात नहीं हो रही. हम 6 हजार करोड़ मांगने गए थे, लेकिन सिर्फ 134 करोड़ ही मिला.
झारखंड BJP पर JMM का वार
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि यहां के बीजेपी सांसद क्या करते हैं? राज्य रहेगा तभी वह सांसद रहेंगे. उनकी पहली प्राथमिकता राज्य होनी चाहिए. जेएमएम नेता ने कहा कि राज्य की जनता अब ये गद्दारी बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं है. जेएमएम की तरह कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंहा ने कहा कि मोदी सरकार ने देश में जब तीन काले कानून लाए थे, तब भी उनके मंत्री, प्रवक्ता और प्रदेश अध्यक्ष उसे सही ठहराते थे, लेकिन केंद्र सरकार को वापस लेना पड़ा.
कांग्रेस ने भी MMDR का विरोध किया
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जब ये (बीजेपी) आनन-फानन में बिल लाते हैं, तो अनैतिक बिल के फायदे गिनाने को ड्यूटी लगती है. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि एमएमडीआर से राज्य के राजस्व का नुकसान हो रहा है. जमीन हमारी, प्रदूषण हमारा, विस्थापन हमारा, तो फिर उसका टैक्स दिल्ली क्यों लेगी? उन्होंने कहा कि ये संघीय ढांचे पर कुठाराघात है. वहीं, बीजेपी ने पलटवार करते हुए इसे राज्य हित में बताया है. बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने पूछा क्या एमएमडीआर सिर्फ झारखंड में लागू हुआ है. क्या और राज्यों में खनिज का उत्पादन नहीं होता है? और किसी भी राज्य में विरोध क्यों नहीं हो रहा है?क्ष
बीजेपी ने सत्तापक्ष पर गंभीर आरोप लगाए
बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सत्ता में शामिल लोग प्रदेश में हो रहे अवैध खनन में शामिल हैं. इसी लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इससे उनकी काली आमदनी बंद हो जाएगी. संदीप वर्मा ने पूछा कि सात वर्ष में इन्होंने (हेमंत सोरेन सरकार) कितने खदान का ऑक्शन किया और कितने माइंस यहां चल रहे हैं? उन्होंने कहा कि जब आप उत्पादन बढ़ाएंगे, तभी तो राजस्व बढ़ेगा. आप अतिरिक्त सेस लगाते रहें और उत्पादन ना करें, इससे कोई लाभ नहीं होने वाला है. उन्होंने आरोप लगाया कि यहां के चंद नेता अपने निजी हित के लिए काम करते हैं. राज्य के लोगों की भलाई से उनका कोई मतलब नहीं है.
रिपोर्ट- धीरज ठाकुर