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बड़गाईं जमीन केस में कानूनी शिकंजा टाइट, अब कोर्ट में गवाहों और सबूतों की होगी फाइट!

बड़गाईं जमीन मामले में सीएम हेमंत सोरेन पर आरोप कोर्ट ने तय कर दिया है. अब आरोप तय होने के बाद में अदालती लड़ाई शुरू होगी. इस दौरान गवाहों की गवाही होगी.

बड़गाईं जमीन केस में कानूनी शिकंजा टाइट, अब कोर्ट में गवाहों और सबूतों की होगी फाइट!
Image Credit: बड़गाईं जमीन केस में कानूनी शिकंजा टाइट, अब कोर्ट में गवाहों और सबूतों की होगी फाइट! (Photo-AI)

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि बड़गाईं जमीन मामले में कानूनी शिकंजा कसने के बाद अब अदालती लड़ाई शुरू हो चुकी है. ईडी की चार्जशीट और जांच के आधार पर तैयार मामला अब अदालत की दहलीज पर गवाहों के बयानों और दस्तावेजी सबूतों की जंग देखने को मिलेगी! अब कोर्ट में ईडी के पुख्ता दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और गवाहों के बयानों की कड़ी कानूनी परीक्षा होगी, जहां बचाव और पक्ष दोनों अपनी-अपनी दलीलों के साथ आमने-सामने होंगे. चलिए जानते हैं कि अब आरोप तय होने के बाद इस मामले में ट्रायल का रोडमैप क्या होगा?

गवाहों की गवाही
दरअसल, किसी आरोपी पर आरोप तय होते ही मामला सीधे ट्रायल के लिए चला जाता है. इसके बाद अगली सुनवाई से प्रवर्तन निदेशालय (ED) अपने गवाहों को कोर्ट के सामने पेश करना शुरू करती है. ईडी इसमें बड़गाईं अंचल के पूर्व राजस्व उप-निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, अंचल अधिकारी, दस्तावेजी गवाह और जमीन से जुड़े रैयत शामिल होंगे.

गवाहों से जिरह
जब कोर्ट में ईडी के गवाहों के बयान दर्ज हो जाते हैं, तो उसके बाद हेमंत सोरेन के वकील उनसे कोर्ट में आमने-सामने जिरह करेंगे.

धारा 313 के तहत बयान
कोर्ट में सभी सरकारी गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद बीएनएसएस (BNSS) के तहत कोर्ट सीएम हेमंत सोरेन का बयान दर्ज करेगी. इस दौरान कोर्ट हेमंत सोरेन से अभियोजन के साक्ष्यों पर सफाई मांगेगी.

अंतिम बहस और फैसला
इसके बाद मामले में बचाव पक्ष के सबूतों के बाद और फिर दोनों पक्षों की अंतिम दलील होगी. इसी आधार पर अदालत यह तय करेगी कि आरोप साबित होते हैं या आरोपी को बरी जाए.

हेमंत सोरेन की लीगल टीम का अगला दांव
हेमंत सोरेन की लीगल टीम आरोप विशेष पीएमएलए कोर्ट की तरफ से आरोप तय होने के बाद हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है. हेमंत सोरेन की कानूनी टीम सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल करने की तैयारी में है.

ट्रायल पर स्टे की मांग
सुप्रीम कोर्ट से हेमंत सोरेन की लीगल टीम यह गुहार लगाई जाएगी कि जब तक मूल चार्जशीट और सबूतों की वैधता पर अंतिम फैसला न हो, तब तक निचली अदालत में ट्रायल की कार्यवाही पर स्टेज लगा दी जाए.

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About the Author

Shailendra

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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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