पिछले कई दिनों से पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बिजनौर, मुरादाबाद और महाराष्ट्र के कई इलाकों में, जहां पर गन्ने की ज्यादा खेती होती है, वहां पर जंगल में एक ऐसे शिकारी की एंट्री हुई, जो जंगल को छोड़कर, अब खेतों में रहना पसंद कर रहा है. साथ ही वो खेतों से घात लगाकर अपना शिकार भी कर रहा है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जंगल का यह शिकारी अब रिहायशी इलाकों को अपना ठिकाना क्यों बना रहा है.