अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बावजूद बातचीत के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं. ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका उसकी 3 शर्तें मान लेता है तो यह रास्ता एक हफ्ते के अंदर ओपन हो सकता है.
सामने आए कुछ वीडियो में समंदर के नीले पानी पर चारों तरफ महंगे iPhone ऐसे उतराते नजर आ रहे हैं मानो मछलियों की बरात निकली हो. आइए जानते हैं आखिर समंदर के बीचोंबीच अरबों रुपये का यह खजाना कैसे बह निकला?
यह हादसा ऐसे वक्त हुआ है जब होर्मुज की खाड़ी और आसपास के समुद्री जलक्षेत्र में कमर्शियल जहाजों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. लगातार होते इन हमलों के चलते पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी तनाव है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ब्लैक सी क्षेत्र में मर्चेंट शिप्स पर हुए हमलों में भारतीय नाविकों के घायल होने पर नई दिल्ली ने सख्त रुख अपनाया है. भारत ने स्पष्ट किया है कि निर्दोष समुद्री कर्मियों को निशाना बनाने वाली ऐसी घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी.
सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने कहा कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट जून के मध्य के बाद भी जारी रहती है, तो तेल बाजार 2027 तक सामान्य नहीं होगा.
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर से जहाजों की आवाजाही के लिए अमेरिका के पास 7 दिनों का प्लान भेजा था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ठुकरा दिया है. कहा जा रहा है कि अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर फिर से हमले हो सकते हैं.
अमरीकी सेना ने Strait of Hormuz में खतरनाक लेजर वेपन्स तैनात किए हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सैनिक इन्हें Xbox गेमिंग कंट्रोलर से चला रहे हैं. जानिए कैसे काम करती है यह $500 मिलियन की लेजर गन...
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के बढ़ते खतरे के बीच ईरान ने बड़ा दांव चला है. ईरान ने शर्त रखी है कि अगर अमेरिकी सेना होर्मुज के इलाके से पीछे हटती है, तो वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने के लिए तैयार है. जानिए इस पेशकश के मायने और वैश्विक असर.
Black Sea: होर्मुज से तेल संकट, तो ब्लैक सी से फूड क्राइसिस दस्तक दे सकता है. इस समुद्री रास्ते के बंद होने से गेंहू, सूरजमुखी तेल समेत फूड सप्लाई का संकट बढ़ गया है.
मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ता जा रहा है. ताजा हमले में होर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक एक और ऑयल टैंकर को निशाना बनाया गया है. इसमें कई भारतीय नागरिकों के होने की खबर आई है.