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ईरान और अमेरिका के बीच पिछले 8 महीने से चल रही जंग के बीच एक बड़ी खबर आई है. दुनिया का सबसे बिजी समुद्री रास्ता 'होर्मुज' खुल सकता है. ईरान ने इसके लिए अमेरिका के सामने 3 बड़ी शर्तें रख दी हैं. ईरान का कहना है कि उसका 7 दिन वाला ऑफर अभी भी टेबल पर है. ईरान ने दो-टूक कहा है कि जलमार्ग तभी खुलेगा जब वॉशिंगटन उसकी तीन शर्तों को मान लेगा.
दरअसल, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची बगदाद में इस्लामिक देशों के संगठन (OIC) की बैठक में पहुंचे. वहां उन्होंने बताया कि वो अमेरिका के जवाब की समीक्षा कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने ये भी कहा, समझौते के लिए अमेरिका के पास जिस ईमानदारी की जरूरत है, वह उसके पास बिल्कुल नहीं है.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, 'हमारी बात एकदम साफ है. हमने अमेरिका को 7 दिन का प्रस्ताव दिया था, उन्होंने कुछ टिप्पणियां भेजी हैं, जिन्हें हम देख रहे हैं. अगर अमेरिका थोड़ी भी ईमानदारी दिखाए, जो कि उसमें नहीं दिखती, तो होर्मुज का रास्ता खोलने का हल बेहद आसान है. अगर अमेरिका शर्तें मान ले, तो यह रास्ता 6 दिन के भीतर खुल सकता है और अगले दिन से बाकी बातचीत शुरू हो सकती है.'
OIC की बैठक में अराघची ने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने साफ कहा, अमेरिका ने कूटनीति का मजाक बना रखा है और दुनिया के नियमों को ताक पर रखकर सिर्फ धमकियों, हमलों और पाबंदियों की भाषा बोल रहा है. ईरान किसी के दबाव में आने वाला नहीं है और न ही डरकर अपने हक से पीछे हटेगा.
एक तरफ जहां ईरान कड़े तेवर दिखा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अलग ही दावा किया है. केंटकी में एक रैली में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ चल रहा यह युद्ध 'बहुत जल्द' खत्म होने वाला है. उन्होंने अमेरिकी सैन्य हमलों की तारीफ में कहा, इन हमलों ने ईरान की परमाणु क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया है. जैसे ही युद्ध खत्म होगा, अमेरिका में पेट्रोल-डीजल के दाम पहले से भी काफी नीचे आ जाएंगे.
सबसे बड़ा सवाल ये है कि अमेरिका और ईरान के बीच पेच कहां फंसा है? दरअसल, दोनों देशों के बीच बातचीत का सबसे बड़ा रोड़ा यह है कि शुरुआत कहां से हो. अमेरिका चाहता है कि बातचीत की टेबल पर सबसे पहले ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लाया जाए. इसे लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हाल ही में साफ कहा था, 'युद्ध खत्म करने के लिए ईरान को अपने यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) को काफी हद तक घटाना होगा.' ईरान अपनी बात पर अड़ा है. ईरान का कहना है, पहले होर्मुज जलमार्ग को खोलने और समुद्री सुरक्षा पर बात होगी, बाकी मुद्दे बाद में.
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. दुनिया की करीब 25% एलएनजी (गैस) सप्लाई इसी रास्ते होती है. इसके अलावा सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत और यूएई जैसे बड़े खाड़ी देश अपना ज्यादातर तेल और गैस इसी रूट से भेजते हैं.