फ्रांस में हिंसा बढ़ती देख पुलिस एक्शन लेने पर मजबूर हो गई. एक हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही एक इंस्टिट्यूट को ब्लॉक करने वाले छात्रों को हटाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.
अल्बानिया, इटली, फ्रांस समेत यूरोप के 9 देशों में प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं. महंगे मकान, कम वेतन, शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार जैसे मामलों को लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच अल्बानिया से एक डरा देने वाला वीडियो सामने आया है.
पिछले वीकेंड दंगों का दंश झेल चुका फ्रांस दूसरे विरोध-प्रदर्शन के लिए तैयार हो रहा है. लेकिन इस बार प्रशासन ने तैयारी पहले से बेहतर की हुई है, ताकि दोबारा से दंगों और हिंसा की स्थिति ना बने.
फ्रांस में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच पेरिस के पास ताबड़तोड़ फायरिंग की खबर से दहशत फैल गई है. इस हमले में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. जानिए घटना से जुड़ा पूरा अपडेट.
फॉक्स न्यूज डिजिटल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेरिस और यूरोप के अन्य देशों में जिन संगठनों ने उत्पात मचाया है, वह 9 मुल्कों में फैले हुए हैं और इनकी संख्या 101 के आसपास है.
फ्रांस के अंदर चल रहे प्रदर्शन से एक बेहद दिलचस्प नारा सामने आया है. धीरे-धीरे यह नारा अब फ्रांस से बाहर निकलकर बेल्जियम और इटली तक पहुंच गया है. चलिए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है.
फ्रांस में हिंसा के बाद जो महंगे स्टोर्स से सामान लूटा गया, उसको बेचने के लिए ऑनलाइन मार्केटप्लेस विंटेड पर डाला गया है. अधिकारी अब इसी पर निगरानी रखे हुए हैं कि इन सामानों की लिस्टिंग ना हो सके और ना ही इनको बेचा जा सके.
आसमान छूती महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी की मांग को लेकर यूरोप के कई देश सुलग रहे हैं. फ्रांस में हालात ज्यादा बेकाबू हैं. कई मांगो को लेकर शुरू हुए प्रदर्शन अब थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. पूरा देश उबल रहा है. यूरोप की इस हालत पर तंज कसते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है.
फ्रांस, इटली और अल्बानिया समेत कई देशों में हिंसक प्रदर्शनों, आगजनी और लूटपाट ने वैश्विक चिंता बढ़ाई है. महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों से उपजे गुस्से के बीच इन घटनाओं के एक जैसे पैटर्न और संभावित राजनीतिक कनेक्शन पर सवाल उठ रहे हैं.
फ्रांस में पिछले 32 दिनों से छात्र सड़कों पर हैं. एक स्कूल से शुरू हुआ यह प्रदर्शन आज उग्र हो चुका है. इसमें Snapchat का अहम रोल है, जिसकी वजह से हजारों छात्र पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर उतर आए. आइए जानते हैं कैसे...
फ्रांस में विरोध प्रदर्शन के बीच एक महिला का आराम से जॉगिंग करते हुए गुजरना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. सड़क के बीच मलबे में आग लगी थी और आसपास प्रदर्शनकारी मौजूद थे, लेकिन महिला अपनी रफ्तार से दौड़ती रही. वीडियो देखकर किसी ने उसकी फिटनेस के प्रति लगन की तारीफ की, तो किसी ने मजाक में कहा कि उसे महंगाई और राजनीति से ज्यादा अपने मेटाबॉलिज्म की चिंता है.
यूरोप के 6 देशों में पढ़ाई का बढ़ता खर्च, बेरोजगारी और महंगे घरों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं. फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन के बीच 2400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, इटली, ग्रीस, बेल्जियम और अल्बानिया में भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा देखने को मिली.
फ्रांस में जारी बवाल के बीच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश के नाम अपना संबोधन दिया. उन्होंने उन प्रदर्शनकारियों को चेतावनी भी दी, जो देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इधर, पुलिस ने रविवार तक 2400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है.
फ्रांस के प्रदर्शनकारी अब भीड़तंत्र में बदल चुके हैं. प्रदर्शन के नाम पर अब देशभर में लूटपाट की जा रही है. नकाबपोश युवाओं के निशाने पर ज्यादातर लक्जरी ब्रांड्स के स्टोर्स निशाने पर हैं. शनिवार को Apple, Louis Vuitton और Hermes Stores में काफी लूटपाट की गई.
फ्रांस के युवा किसी भी अन्याय के खिलाफ मुखर होकर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं. यहां महंगाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर युवाओं ने कई दिनों से तांडव मचा रखा है. अब ये प्रदर्शन हिंसक हो चुके हैं. प्रदर्शनकारी आंदोलन के नाम पर आगजनी और लूटमार कर रहे हैं. हालत बेहद खराब हैं और कई जगहों पर प्रशासन ने इमरजेंसी लगाई है.
फ्रांस में जारी प्रदर्शन अब हिंसक हो गए हैं. शनिवार को कई जगहों पर प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच झड़पें देखने को मिलीं. साथ ही पुलिस ने भी कई लोगों को हिरासत में ले लिया है.
फ्रांस में जनता के गुस्से की वजह कोई एक मुद्दा नहीं बल्कि कई मोर्चे हैं. इसलिए छात्र से लेकर किसान तक सड़कों पर हैं. फ्रांसीसी अखबार ले मोंद की रिपोर्ट बताती है कि जमीन पर जो हालात बने हैं, उसकी 5 बड़ी वजहें हैं.
फ्रांस में सफर के दौरान एक भारतीय डॉक्टर की बस सुबह 4 बजे रास्ते में खराब हो गई. इसके बाद उन्हें करीब 6 घंटे तक नई बस या मरम्मत का इंतजार करना पड़ा. इस अनुभव ने उन्हें भारत की ऐसी आदत याद दिला दी, जहां रात के किसी भी समय मैकेनिक मिल जाता है और लोग किसी न किसी तरह काम निकाल लेते हैं. डॉक्टर ने कहा कि शायद इसी वजह से भारतीयों को मुश्किल हालात में तुरंत रास्ता निकालने की आदत है.
फ्रांस में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट के कारण हाहाकार मचा हुआ है. लेकिन अब सरकार के लिए परेशानियां और बढ़ गई हैं. उसने स्टन ग्रेनेड पर रोक लगाने का फैसला किया है क्योंकि इसके इस्तेमाल से एक छात्र का हाथ काटना पड़ा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि फ्रांस में हो रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पलायन का नतीजा है और इस्लाम फ्रांस पर कब्जा करना चाहता है. पेरिस के एक स्कूल से शुरू हुआ विरोध अब पूरे मुल्क में फैल चुका है.
France Students Violent Protest: फ्रांस में शिक्षा के अभाव के चलते छात्र सड़कों पर प्रदर्शन करने पहुंचे. ये प्रोटेस्ट इतना भीषण थी कि हिंसा के चलते बड़ी संख्या में कई टीचर्स और छात्र घायल हो गए. फ्रांसीसी सरकार अब दंगा भड़काने वालों की गिरफ्तारी कर रही है.
फ्रांस में भड़की हिंसा के दौरान 400 स्कूलों में आगजनी की घटना सामने आई है. इस बवाल में 170 लोग घायल हुए और 2000 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. स्थिति को देखते हुए अब सरकार उपद्रव में शामिल छात्रों के माता-पिता से जुर्माना वसूलने की तैयारी में है.