मां दुर्गा की आराधना करने, उन्हें प्रसन्न करने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करना बेहद प्रभावी माना गया है. नवरात्र में लोग विशेष तौर पर दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं. पर क्या आप जानते हैं कि इसके लेखक कौन हैं?
हमेशा सौम्य रूप में पूजे जाने वाले गणपति का एक रूप पिता महादेव की तरह भी है. जटाएं, भस्म धारण किए गणपति के इस रौद्र रूप को कपर्दिश कहा गया है. आज कपर्दिश गणेश चतुर्थी पर जानें उनके इस रूप की कहानी.
नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा का विधान है. इस दिन नीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. जानिए मां कुष्मांडा का मंत्र, स्तुति, चालीसा और मां कुष्मांडा की आरती.
आज नवरात्र के तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा में लाल रंग के कपड़े पहनें और माता चंद्रघंटा के मंत्र, चालीसा और कथा पढ़ें. साथ ही आखिर में मां चंद्रघंटा की आरती करें.
शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप माता ब्रह्मचारिणी को समर्पित है. तपस्या, साधना में लीन रहने वाली मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में उनके मंत्र, आरती, कथा और स्तुति जरूर पढ़ें.
Navratri First day Devi Maa Shailputri : नवरात्र का पहला दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. 11 अक्टूबर 2026 को मातारानी की पूजा में मां शैलपुत्री की आरती, चालीसा, मंत्र, कथा पढ़ें.