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परमाणु हमले की आशंका के बीच ईरान का बड़ा जंगी ऐलान, मिसाइलों की रेंज पर लगी हर पाबंदी हटाई

ईरान ने अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज पर लगी सीमा को खत्म करने का संकेत दिया है. इस फैसले से इजरायल और अमेरिका की चिंता बढ़ गई हैं. जानिए ईरान के इस नए कदम से मिडिल ईस्ट के शक्ति संतुलन और वैश्विक सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा.

परमाणु हमले की आशंका के बीच ईरान का बड़ा जंगी ऐलान, मिसाइलों की रेंज पर लगी हर पाबंदी हटाई
Image Credit: AI Generated Imaginative Pic - ईरान ने खत्म की मिसाइल रेंज की सीमा, अब कहां तक पहुंचेगा वार? इजरायल-अमेरिका के लिए बढ़ी टेंशन!

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल के साथ संभावित जंग की आहट के बीच ईरान ने एक बड़ा कदम उठाया है. ईरान के अर्धसैन्य बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों की मारक क्षमता पर खुद से लगाई 2,000 किलोमीटर (1,200 मील) की रेंज सीमा को आधिकारिक तौर पर हटा दिया है. इस फैसले से संकेत मिलता है कि ईरान अब अधिक दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें विकसित करने की तैयारी में है.

यह घोषणा ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई के उस बयान के ठीक कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इजरायल को कड़ा संदेश दिया था. खामेनेई ने स्पष्ट कहा था कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से किसी भी तरह का या किसी भी स्तर का खतरा पैदा होता है, तो ईरान बिना किसी भौगोलिक सीमा की परवाह किए उसका माकूल जवाब देगा.

मिसाइल की रेंज पूछे जाने पर दिया जवाब

तेहरान में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता जनरल हुसैन मोहेब्बी से मिसाइल रेंज की सीमा पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा, 'वह पाबंदी अब हमारे लिए खत्म कर दी गई है.'

क्या ईरान के पास पहले से मौजूद हैं लंबी दूरी की मिसाइलें?

यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान के पास 2,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक हमला करने वाली मिसाइलें तैयार हैं, जनरल मोहेब्बी ने कोई सीधा दावा नहीं किया. उन्होंने केवल इतना कहा कि ईरान सिर्फ बयानों पर निर्भर रहने के बजाय 'व्यावहारिक रूप से अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा.'

फिलहाल आधिकारिक जानकारी के अनुसार ईरान के पास ऐसी मिसाइलें होने की पुष्टि नहीं है जो इस सीमा से आगे जा सकें. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान के अंतरिक्ष कार्यक्रम में इस्तेमाल होने वाली तकनीक का उपयोग अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) बनाने के लिए आसानी से किया जा सकता है.

वर्तमान रेंज के दायरे में कौन-कौन से देश?

2,000 किलोमीटर की मौजूदा रेंज के तहत ही ईरान ग्रीस और बाल्कन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों, पूरे अरब प्रायद्वीप, लेवेंट क्षेत्र और मिस्र के बड़े हिस्से तक निशाना साधने में सक्षम है. ऐसे में इस रेंज सीमा के हटने का सीधा मतलब है कि अब यूरोप और उसके बाहर के क्षेत्र भी ईरान के संभावित दायरे में आ सकते हैं.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास टैंकर में विस्फोट

इसी दौरान ईरानी सेना की ओर से एक और गंभीर खबर सामने आई है. सेना के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूर्व में एक तेल टैंकर समुद्री माइन की चपेट में आ गया, जिससे उसमें भीषण आग लग गई. सेना ने यह नहीं बताया कि टैंकर किस देश का था या कहां जा रहा था, लेकिन यह जरूर कहा कि टैंकर ने अपना नेविगेशन बीकन बंद कर रखा था और वह एक 'प्रतिबंधित क्षेत्र' में यात्रा कर रहा था. यह घटना दर्शाती है कि क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के साथ-साथ समुद्री रास्तों पर भी खतरा काफी बढ़ गया है.

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About the Author

Ravindra Pratap Singh

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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