App

ट्रंप का जंग वाला राग, डेमोक्रेट्स ने मांगा हिसाब: मिडटर्म की हार के बाद भी नहीं माने यूएस के 'बॉस', विरोधियों ने भी कर ली तैयारी

डोनाल्ड ट्रंप को मिडटर्म चुनाव में जबरदस्त झटका लगा है. लेकिन, बावजूद इसके उन्होंने सैन्य कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए हैं. इस बीच, डेमोक्रेट्स जंग खत्म करने के लिए वोटिंग की योजना बना रहे हैं.

ट्रंप का जंग वाला राग, डेमोक्रेट्स ने मांगा हिसाब: मिडटर्म की हार के बाद भी नहीं माने यूएस के 'बॉस', विरोधियों ने भी कर ली तैयारी
Image Credit: डोनाल्ड ट्रंप का ईरान से जंग को लेकर रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

मिडटर्म चुनाव में करारी शिकस्त के बाद  भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मानने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन का संकेत दिया है. हालांकि, उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए कोई डेडलाइन या टारगेट्स के बारे में नहीं बताया है. इसी बीच, हाउस के सीनियर डेमोक्रेट्स ने जंग खत्म करने के लिए वोटिंग की योजना बनाई है. वे इस जंग के मकसदों और इसमें होने वाले खर्च के बारे में जवाब मांग रहे हैं.

जंग को लेकर क्या बोले ट्रंप?

व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा,'अगर मुमकिन हो तो मैं बाकी देश को बर्बाद नहीं करना चाहूंगा, लेकिन शायद मुझे ऐसा करना पड़े. आपको जल्द ही पता चल जाएगा.' लेकिन, इससे पहले डेमोक्रेट्स अगली कांग्रेस के लिए अपनी विदेश नीति का एजेंडा तैयार कर रहे हैं. प्रतिनिधि ग्रेगरी मीक्स ने जंग को खत्म करने के लिए प्रस्ताव लाने का वादा किया, जबकि डेमोक्रेटिक व्हिप कैथरीन क्लार्क ने जंग के टारगेट और इससे बाहर निकलने की रणनीति पर सवाल उठाए. इन बयानों ने राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान नीति के खिलाफ कांग्रेस में मौजूद विरोध को दिखाया.

ट्रंप से मांगा जाएगा हिसाब

हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के वरिष्ठ डेमोक्रेट, ग्रेगरी मीक्स ने 4 नवंबर को एक खत लिखकर अपने सहयोगियों से कमेटी का अध्यक्ष बनने के लिए समर्थन मांगा. खत में यह भी प्रस्ताव दिया गया है कि ईरान जंग, वेनेजुएला, और सैन्य कार्रवाई व व्यापार पर कांग्रेस के अधिकार से जुड़े विवादों को लेकर प्रशासन के सीनियर अधिकारियों से सार्वजनिक रूप से गवाही मांगी जाए.

मीक्स अपनी विधायी और निगरानी संबंधी योजनाओं के बारे में बता रहे थे.खत में वोटिंग के लिए कोई तारीख तय नहीं की गई है और न ही इस वादे को लागू करने वाला कोई नया प्रस्ताव पेश किया गया है. इससे पहले, कैथरीन क्लार्क ने सीएनएन को बताया कि डेमोक्रेट्स प्रशासन पर इस संघर्ष के लिए लगातार फंडिंग जारी रखने और अमेरिकी सैनिकों को सुरक्षित घर वापस लाने की योजना के बारे में सवाल उठाएंगे.

क्लार्क ने राष्ट्रपति पर क्या आरोप लगाया?

क्लार्क ने राष्ट्रपति ट्रंप पर आरोप लगाया कि वे देश को एक ऐसे लापरवाह युद्ध में धकेल रहे हैं, जिसकी न तो कोई एग्जिट स्ट्रेटेजी है और न ही कोई साफ टारगेट है.' उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष की वजह से घरेलू ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट्स प्रशासन के मकसद पर चर्चा कर यह जानना चाहेंगे कि अमेरिकियों और अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इस जंग को कैसे खत्म किया जा सकता है.

दुनिया के बाकी देशों की बढ़ी चिंता

उधर, ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान, डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभियान का बचाव किया. उन्होंने कहा कि आगे क्या करना है, इस पर फैसला लिया जाएगा. उन्होंने अपनी इस बात को भी दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए. तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्रस्तावों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'वे हमारी मंजूरी के बिना कुछ भी नहीं कर रहे हैं.'
गौरतलब है कि खाड़ी क्षेत्र का यह संघर्ष भारत समेत एशिया के अहम एनर्जी इंपोर्टर्स के लिए भी चिंता का विषय है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी 'होर्मुज स्ट्रेट' को तेल परिवहन का एक बेहद अहम रास्ता मानती है. इस समुद्री रास्ते से जाने वाले तेल के मुख्य गंतव्यों में भारत, चीन और जापान शामिल हैं.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Rachit Kumar

Rachit Kumar

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
Read More