पश्चिमी घाट के बेहद चुनौतीपूर्ण सकलेशपुर–सुब्रह्मण्य रोड घाट सेक्शन पर 20 डिब्बों वाली वंदे भारत ट्रेन का परीक्षण भारतीय रेलवे की इंजीनियरिंग क्षमता की नई मिसाल है. करीब 55 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 57 सुरंगें, 108 तीखे मोड़, खड़ी ढलानें, पुल और भारी मानसून जैसी चुनौतियां हैं. परीक्षण के दौरान ट्रेन की रफ्तार पकड़ने, ब्रेकिंग, स्थिरता और सुरक्षा प्रणालियों को परखा गया. यह कहानी सिर्फ वंदे भारत के परीक्षण की नहीं, बल्कि 1853 की पहली भाप इंजन वाली ट्रेन