आचार्य चाणक्य का विचार है कि जिस प्रकार बिना पंखों के पक्षी उड़ान नहीं भर सकता, उसी प्रकार शिक्षा के बिना मनुष्य का जीवन और राष्ट्र का भविष्य उन्नत नहीं हो सकता। यानी राष्ट्र के उन्नत भविष्य के लिए उत्तम शिक्षा और शिक्षा की उत्तम व्यवस्था अनिवार्य है। इसके लिए जरूरी है शिक्षा का मजबूत बुनियादी ढांचा। यह कैसा होगा? यह होगा शिक्षा में निवेश से। लेकिन क्या हमारे देश में सर्वोत्तम एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए उचित निवेश हो