2015 से 2026 के बीच देश के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले इस खिलाड़ी को ना सरकारी नौकरी मिली और ना ही पर्याप्त आर्थिक मदद। परिवार चलाने के लिए अमरदीप कभी सब्जी बेचते हैं तो कभी टैक्सी चलाते हैं। हैरानी की बात ये है कि उनकी सब्जी की दुकान पर वही गोल्ड मेडल टंगे हैं, जो देश के लिए उनकी उपलब्धियों की गवाही देते हैं।