सऊदी और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष बढ़ रहा है. इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी ईरान को लेकर हर दिन एक नया बयान दे रहे हैं. रविवार को हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उनकी ओर से रियाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया गया.
यह हमला शबवा प्रांत में यमन की सरकार के मिलिट्री ट्रेनिंग कैंप पर हुआ है. पहले 20 लड़ाकों के मारे जाने की खबर थी, लेकिन अब यह आंकड़ा 50 हो गया है.
सऊदी अरब का जो सुरक्षा घेरा दुनिया में सबसे मजबूत माना जाता था, हूती विद्रोहियों ने उसकी धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं. अमेरिका से 2 लाख 70 हजार करोड़ रुपये खर्च करके खरीदे गए थाड और पैट्रियट जैसे बड़े-बड़े डिफेंस सिस्टम देखते ही रह गए और हूतियों की मिसाइलें सीधे सऊदी की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के हेडक्वार्टर पर जा गिरीं.
सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट को एक बार फिर निशाना बनाया गया है. इस हमले में दर्जन भर के करीब लोग जख्मी हो गए हैं. जिनमें कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है.
यमन में हूतियों के खिलाफ संघर्ष तेज होने के बीच निर्वासित राष्ट्रपति रशीद अल अलीमी ने जनता से सरकारी बलों के साथ खड़े होने की अपील की है. उन्होंने संगठन छोड़ने वाले लड़ाकों को आम माफी का संकेत देकर हूतियों के खेमे में सेंध लगाने की कोशिश की है.
सऊदी अरब पर हमला कर रहे कट्टरपंथी संगठन हूती से अमेरिका ने एक अहम डील की है. एक बड़ी इंटरनेशनल मीडिया एजेंसी के मुताबिक, इस डील में हूती ने यह गारंटी दी है कि वह अमेरिका और इजरायल के जहाज पर हमला नहीं करेगा. इसका मतलब यह हुआ कि हूती इजरायल से तो नहीं भिड़ेगा, लेकिन सऊदी अरब पर हमला करना नहीं छोड़ेगा. आइए जानते हैं पूरा मामला...
ये वही हूती हैं, जिन्होंने 2014 में यमन की राजधानी पर कब्जा करके सबको चौंका दिया था. इन्हें ईरान से ड्रोन और मिसाइलें मिलती हैं, जिनके दम पर ये सऊदी अरब जैसी ताकतों से भी कई साल तक लोहा ले चुके हैं. इन दिनों यह संगठन लाल सागर के समुद्री रास्तों पर कब्जा करने में जुटा है और उसने पूरी दुनिया की नाक में दम कर रखा है.
अमेरिका की ग्लोबल टेरर लिस्ट में शामिल यमन के हूतियों ने सऊदी अरब की नाक में दम कर दिया है. दावा किया जा रहा है कि पलटू पाकिस्तान की तो बात छोड़िए इस बार, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को उनके दोस्त ट्रंप ने ठेंगा दिखा दिया है.