क्या ट्रंप निजी फायदों के लिए अमेरिकी हितों की बलि दे रहे हैं. 2016 के अमेरिकी चुनावों में रूस के दखल होने की खबरों के बाद ये दूसरा बड़ा मौका है जब ये सवाल राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गया. मामला उनके बेटे की शादी के एक समारोह से जुड़ा है.
जो मन में आया वैसा बयान देकर कंट्रोवर्सी खड़ी कर देने वाले ट्रंप और विवादों का चोली दामन का साथ है. मीडिया से भी उनकी अदावत पुरानी है. मुश्किल सवाल उन्हें पसंद नहीं, सिर्फ अमेरिकी ही नहीं, विदेशी मीडिया को भी टारगेट करने में वो देर नहीं लगाते.
पेंटागन ने चेतावनी दी है कि इस हार्मोन का इस्तेमाल केवल किसी बीमारी या सर्टिफाइड मेडिकल कमी के इलाज के लिए होगा. युद्ध के मैदान में अपनी शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए इसका शॉर्टकट की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
Trump Tariffs on India-China: क्या डोनाल्ड भारत के नेतृत्व में दिल्ली में हुए ब्रिक्स के सम्मेलन की सफलता से घबरा गए हैं या फिर वे ट्रेड डील के लिए भारत पर दबाव बनाने की रणनीति पर चल रहे हैं? आखिर भारत पर 100% टैरिफ के बिल के पीछे असल वजह क्या है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे की शादी इन दिनों विवादों में घिरी हुई है. बताया जा रहा है कि उनके बेटे की शादी एक मोटा खर्च रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी ने उठाया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी असिस्टेंट नताली हार्प को 42 लाख रुपये का भारी-भरकम गिफ्ट दिया है. इसके बाद उनकी निजी जिंदगी में भूचाल आ गया है. बताया जा रहा है कि मेलानिया ट्रंप इससे काफी खफा हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मिडटर्म इलेक्शन में पार्टी की नैया पार लगाने के लिए नया चुनावी दांव खेला है, ट्रंप ने कहा कि रिपब्लिकंस की जीत पर हर एडल्ट अमेरिकी नागरिक के खाते में करीब 5 लाख रुपये का डिविडेंड खटाखट-खटाखट क्रेडिट कर दिया जाएगा.
अमेरिका में 11 सितंबर 2001 के भयानक आतंकी हमलों को 25 साल पूरे हो रहे हैं. इस मौके पर डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. ट्रंप ने दावा किया है कि हमले के दिन उन्हें न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के डेंजर जोन से बाहर निकाला गया था और उन्होंने ग्राउंड जीरो पर कई दिनों तक काम किया था. ट्रंप के इस दावे को मीडिया रिपोर्ट्स ने खारिज कर दिया है. एक तरफ जहां कई प्रमुख न्यूज एजेंसियों ने इसे भ्रामक और बिना सबूत का बताया, तो वहीं ट्रंप ने इन फैक्ट-चेक्स को फेक न्यूज करार दिया और अपने रुख पर कायम रहने की बात कही है.
ईरान की पिकैक्स माउंटेन को बेहद संवेदनशील इलाका माना जाता है. दावा किया जाता है कि यहां ईरान का परमाणु ठिकाना है. लेकिन इस दावे की पुष्टि करने लायक सबूत किसी के पास नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर अटैक करने की धमकी दी है. लेकिन अगर वाकई यहां न्यूक्लियर ठिकाना हुआ तो हमले के बाद क्या अंजाम होगा?