अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अक्टूबर में होने जा रहे मिडटर्म इलेक्शन को जीतने के लिए खुद को चुनाव प्रचार में झोंक दिया है. आक्रामक कैंपेन चला रहे ट्रंप ने एक चुनावी रैली संबोधित करते हुए एक अभूतपूर्व चुनावी दांव खेला है. अमेरिका में मध्यावधि चुनावों को अमेरिकी राष्ट्रपति के दो साल के कार्यकाल का इंतहान माना जाता है, इसलिए उन्होंने रिपब्लिन पार्टी के संसद के दोनों सदनों में जीत पर हर अमेरिकी नागरिक को पांच हजार डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में पांच लाख से कुछ कम रकम देने का ऐलान किया है.
आपको बताते चलें कि इन चुनावों में संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की 435 और अपर हाउस यानी सीनेट (कांग्रेस) की 35 सीटों के अलावा कई स्थानीय सरकारी पदों के लिए भी मतदान होना है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपना फ्यूचर प्लान बताते हुए इस ऐलान को ट्रंप डिविडेंड नाम दिया है. उन्होंने कहा है कि उनके इस कार्यकाल में देश ने बहुत सारी दौलत कमाई है, जिसका फायदा वो अपनी जनता को देना चाहते हैं. हालांकि, ट्रंप अपने इस प्लान को कैसे पूरा करेंगे, इसकी विस्तृत जानकारी चूंकि तत्काल सामने नहीं आई है, इसलिए ट्रंप के ऐलान को विपक्ष में बैठी डेमोक्रेट पार्टी के नेताओं ने महज चुनावी लॉलीपॉप बताया है.
राष्ट्रवाद की पिच पर अपने धारदार अभियान को आगे बढ़ाते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने हर अमेरिकी नागरिक को अपना परिवार मानते हुए, उनके हितों के लिए काम किया है. ऐसे में जो अरबों डॉलर रुपये अमेरिकी खजाने में जमा हुए हैं. उसका कुछ न कुछ हिस्सा हर अमेरिकी नागरिक को मिलना चाहिए. इसलिए मैं इस मंच से आज ये ऐलान करता हूं कि हम अमेरिका को महान बनाने के लिए अपना काम करते रहेंगे, क्योंकि डेमोक्रेट्स ने हमेशा से वोट बैंक की पॉलिटिक्स के चलते अमेरिका के मूल निवासियों के साथ धोखा किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने मिड-टर्म इलेक्शन जीतने पर हर वयस्क अमेरिकी मतदाताओं को पांच हजार डॉलर का डिविडेंड देने का चुनावी लॉलीपॉप दिया है... pic.twitter.com/K0nt0ji9eI
— Shwetank Ratnamber (@swwetanksr) September 10, 2026
ट्रंप ने आगे ये भी कहा, 'अब हम दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देश हैं. रूस और सऊदी अरब, दोनों मिलकर जितनी गैस और तेल का प्रोडक्शन करते हैं, उससे ज्यादा प्रोडक्शन अमेरिका कर रहा है, जबकि इसमें वेनेज़ुएला शामिल नहीं है. जिसे हमने अभी अपने स्टॉक में शामिल किया है. एनर्जी सेक्टर में ये इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि है. कुछ देशों के साथ हमारे सदियों पुराने अच्छे और मजबूत रिश्ते हैं. हम उनका भी ख्याल रखेंगे.'
अपने समर्थकों को अपने दूसरे एक और बड़े फैसले की जानकारी देते हुए ट्रंप ने कहा, 2026 के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान का युद्ध पूरी तरह खत्म हो जाएगा, क्योंकि तेहरान के पास अब और ज्यादा समय तक टिक पाने की ताकत नहीं बची है. उन्होंने इस दौरान ईरान के नेताओं पर अमेरिकी चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि वो लोग जानबूझकर अमेरिकी मतदाताओं को प्रभावित करने और मिडिल ईस्ट के संघर्ष को लंबा खींचने की कोशिश कर रहे हैं.
मध्यावधि चुनावों को लेकर एक ओपिनियन पोल सामने आया है. जिसमें भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं का रुझान डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों की ओर दिखता नजर आ रहा है. इस सर्वेक्षण में पैसिफिक मूल के लोगों ने भी हिस्सा लिया.

इस सर्वेक्षण के नतीजों में भारतीय मतदाताओं में 66 फीसदी ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के पक्ष में समर्थन जताया है. ट्रंप के सामने कई चुनौतियां हैं. शायद इसलिए भी ट्रंप ने मतदाताओं को रिझाने के लिए ये चुनावी दांव खेला है.