90 के दशक में अपनी सुरीली आवाज से लोगों के दिलों पर राज करने वाले फेमस सिंगर उदित नारायण और कुमार सानू एक बार फिर अपने जादू का जलवा बिखेरने वाले हैं. दोनों सिंगर करीब 21 साल बाद सनी देओल की फिल्म सूर्या: अंत से आरंभ तक से वापसी करने जा रहे हैं.
साल 1999 में फाल्गुनी पाठक का सुपरहिट गाना मैंने पायल है छनकाई रिलीज हुआ, जो नवरात्रि के मौके पर एक बार फिर सोशल मीडिया पर छा गया है. वहीं इस गाने की स्टार हिमानी शाह ने सोशल मीडिया पर एक मजेदार पोस्ट शेयर किया है, जिसने 90 के दशक की यादें ताजा कर दीं.
Kishore Kumar Death Anniversary: हिंदी सिनेमा के दिग्गज सिंगर किशोर कुमार ने अपने दौर में एक से एक हिट गानों को अपनी आवाज दी है. उस दौर में न तो सोशल मीडिया था और ना ही वायरल रील्स, फिर भी किशोर कुमार के गाने दशकों बाद भी लोगों के दिलों में राज करते हैं. आइए जानते हैं कैसे अमर हो गए किशोर कुमार के गाने-
रमेश तौरानी ने फिल्म क्रिटिक कोमल नहाटा के पॉडकास्ट में खुलासा किया है कि कैसे अनुराधा पौडवाल के फिल्मों से दूरी बनाने और टी-सीरीज पर ध्यान देने के बाद अलका याग्निक नब्बे के दशक की सबसे पॉपुलर और डिमांडिंग सिंगर बन गईं.
कभी फिल्म का एक गाना सुपरहिट होता था तो फिल्म की किस्मत बदल जाती थी, लेकिन अब बिना किसी फिल्म का हिस्सा बने भी गाने करोड़ों लोगों तक पहुंच रहे हैं. आखिर बॉलीवुड के म्यूजिक का दबदबा कम हो रहा है या म्यूजिक इंडस्ट्री का पूरा खेल ही बदल गया है?
Music Copyright In Bollywood: फिल्म या ट्रेलर में बजने वाला चंद सेकंड का म्यूजिक सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि भारी-भरकम कानूनी पचड़ा भी बन सकता है. हाल ही में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन’ और पकंज त्रिपाठी की ‘द मिर्जापुर मूवी’ में गानों के इस्तेमाल पर उठे बवंडर ने साफ कर दिया कि पर्दे पर गाने का चेहरा होना और उसके राइट्स का असली मालिक होना दोनों बिल्कुल अलग बातें हैं.
Bollywood Songs Featured In Hollywood Movies: बॉलीवुड गानों का जादू सिर्फ हमारे देश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के लोग भारतीय गानों के दीवाने हैं. हमारे हिंदी सिनेमा के संगीत में एक ऐसा खिंचाव है, जो हर किसी को झूमने पर मजबूर कर देता है. यही वजह है कि कई बड़े हॉलीवुड डायरेक्टर्स भी अपनी फिल्मों में देसी गानों का तड़का लगाने से खुद को रोक नहीं पाए. चाहे वो मार्वल की सुपरहीरो फिल्म में बजने वाला किशोर कुमार और लता मंगेशकर का क्लासिक गाना हो, या जिम कैरी की फिल्म में मोहम्मद रफी का गाया सुपरहिट गाना हो.
Changing Music Trends: कभी रेडियो पर कोई धुन बजती थी और घर के किसी कोने में बैठा इंसान अचानक अपने पुराने दिनों में लौट जाता था. 80s और 90s का संगीत सिर्फ सुनने की चीज नहीं था, वो महसूस करने का जरिया भी था. उन दिनों गाने रिलीज नहीं होते थे, यादों का हिस्सा बनते थे. फिर क्यों समय के साथ इस तरह के म्यूजिक का ट्रेंड बदल गया और आज ये सिर्फ एक या दो हफ्ते तक सीमित रहने वाला कंटेंट बन गया?