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Kishore Kumar Death Anniversary: आज के जमाने में किसी गाने को हिट बनाने के लिए बहुत सारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स हैं, लेकिन एक वक्त ऐसा था, जब इन सबके बिना ही गाने सुपर डुपर हिट हो जाते थे और लोगों की जुबान पर चढ़ जाते थे. हिंदी सिनेमा में भी ऐसे कई सिंगर्स रहे हैं, जिनकी आवाज ने लोगों के दिलों पर बेहद गहरी छाप छोड़ी है, लेकिन दिग्गज सिंगर और एक्टर किशोर कुमार की तो बात ही कुछ अलग थी. उनकी आवाज में एक अलग ही प्यार की मिठास सुनाई देती थी. किशोर दा का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था. वहीं, 13 अक्टूबर 1987 को महज 58 साल की उम्र में उनका मुंबई में निधन हो गया था.
ऐसे में उनकी पुण्यतिथि पर आज हम आपको बताते हैं कि किशोर कुमार के दशकों पुराने गाने भी आज कैसे सोशल मीडिया पर रील्स में सुनाई देते हैं. इतना ही नहीं, आज तक लोगों की प्लेलिस्ट में किशोर दा के गाने अपनी जगह बनाए हुए हैं. वक्त बदला, दौर बदले, ऑडियंस बदली, लेकिन किशोर कुमार के गानों का जादू आज तक कम नहीं हुआ. ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि उनकी आवाज में ऐसा क्या था, जो बिना किसी डिजिटल प्रमोशन के भी उन्होंने कई दशकों तक लोगों को अपने आप से जोड़े रखा है. हिंदी सिनेमा के दिग्गज सिंगर किशोर कुमार की आवाज ने लोगों के दिलों पर बेहद गहरी छाप छोड़ी है. किशोर दा ने हर अंदाज में लोगों को अपना दीवाना बनाया था.
आज हम हिंदी सिनेमा के उस दौर की बात करने जा रहे हैं, जब किसी गाने को वायरल होने के लिए किसी सोशल मीडिया या फिर यूट्यूब वीडियो की जरूरत नहीं थी. यह दौर उस वक्त का है, जब किशोर कुमार सिंगर हुआ करते थे. उस वक्त केवल रेडियो पर गाने बजते थे और फिल्मों के जरिए लोगों तक पहुंचते थे, लेकिन फिर भी लोगों के दिलों में गाने बस जाते थे. उनके गाने दशकों बाद आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में शामिल हैं और लोगों की जुबान पर चढ़े रहते हैं.

किशोर कुमार के दौर में केवल रेडियो, ग्रामोफोन और कैसेट हुआ करते थे, जिनसे लोगों तक गाने पहुंचते थे. गानों के बोल उस वक्त लोगों की जुबान पर चढ़ जाते थे और अक्सर लोग उन्हें गुनगुनाते रहते थे. किशोर कुमार ने अपनी आवाज का ऐसा जादू लोगों के बीच बिखेरा था कि हर कोई उसमें मदहोश हो जाता था. प्यार का इजहार करना हो या दर्द महसूस करना हो, तो सबसे पहले किशोर कुमार याद आते थे. उन्होंने हर फीलिंग पर गाना गाया था.
बता दें कि किशोर कुमार का असली नाम आभास कुमार गांगुली था. उनके बड़े भाई अशोक कुमार हिंदी सिनेमा के मशहूर एक्टर थे. घर में फिल्मी माहौल होने की वजह से उनका मनोरंजन की दुनिया की ओर पहले से ही झुकाव था. साल 1948 में उन्होंने 'जिद्दी' के लिए अपना पहला गाना गाया था.
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किशोर कुमार केवल अपने गानों के लिए ही नहीं, बल्कि अतरंगी अंदाज के लिए भी काफी मशहूर थे. किशोर दा ने अपने घर के बाहर लिखवा रखा था कि 'किशोर कुमार से सावधान'. किशोर कुमार अपनी जिंदगी को अपने नियमों पर जीना पसंद करते थे. अक्सर उनकी जिंदगी के किस्से फिल्मी दुनिया में चर्चा में ने रहते थे.
गौरतलब है कि किशोर कुमार ने इस दुनिया को 13 अक्टूबर 1987 को अलविदा कह दिया था. हालांकि, आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में जिंदा है. उन्होंने अपनी गायकी से लोगों को हंसाया, रुलाया और प्यार करना भी सिखाया है.