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90s Songs: अनुराधा पौडवाल-अलका याग्निक को लेकर रमेश तौरानी का खुलासा, नब्बे के दशक के सुपरहिट गानों के पीछे क्या थी असली कहानी?

रमेश तौरानी ने फिल्म क्रिटिक कोमल नहाटा के पॉडकास्ट में खुलासा किया है कि कैसे अनुराधा पौडवाल के फिल्मों से दूरी बनाने और टी-सीरीज पर ध्यान देने के बाद अलका याग्निक नब्बे के दशक की सबसे पॉपुलर और डिमांडिंग सिंगर बन गईं.

90s Songs: अनुराधा पौडवाल-अलका याग्निक को लेकर रमेश तौरानी का खुलासा, नब्बे के दशक के सुपरहिट गानों के पीछे क्या थी असली कहानी?
Image Credit: अनुराधा पौडवाल ने छोड़ी फिल्मों में सिंग्गिंग, तब अलका याग्निक को मिले सबसे ज्यादा सुपरहिट गाने (फाइल फोटो)

Ramesh Taurani Podcast: पुराने गाने आज भी लोगों के जुबां पर चढ़ा होता है. नब्बे का दशक बॉलीवुड म्यूजिक का सबसे गोल्डन एरा माना जाता है. हर फिल्म के गाने लोगों को रट जाते थे.  इस गोल्डन एरा में कुछ ऐसी घटनाएं हुए, जिन्होंने म्यूजिक इंडस्ट्री के कई बड़े सिंगर्स की किस्मत हमेशा के लिए बदल दी. जाने-माने म्यूजिक प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने एक इंटरव्यू में ऐसा ही बड़ा खुलासा किया है कि कैसे अनुराधा पौडवाल के एक फैसले की वजह से अलका याग्निक उस दौर की सबसे बड़ी और पॉपुलर सिंगर बन गईं.

बॉलीवुड के गलियारों में नब्बे के दशक के गानों की चमक आज भी फीकी नहीं पड़ी है. उस दौर में हर फिल्म का एल्बम अपने आप में एक सुपरहिट पैकेज होता था. चाहे बात फिल्म आशिकी की हो या फिर साजन और कयामत से कयामत तक की, इन फिल्मों के गानों ने रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की थी. उस दौर में कुछ खास सिंगर्स की आवाज का जादू ऐसा था कि हर कोई उनका दीवाना था.

रमेश तौरानी ने खोले इंडस्ट्री के राज

म्यूजिक प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने फिल्म क्रिटिक कोमल नहाटा के पॉडकास्ट 'द गेम चेंजर्स- द म्यूजिक सीरीज' के दौरान नब्बे के दशक के संगीत और उस समय के सिंगर्स के बीच के समीकरण पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि उस समय लता मंगेशकर और आशा भोंसले जैसी लीजेंड्स पहले से ही इंडस्ट्री पर राज कर रही थीं. मेकर्स की पहली पसंद हमेशा लता जी होती थीं. लेकिन उनके बाद अलका याग्निक और अनुराधा पौडवाल का नाम आता था. नब्बे के दशक में कुमार सानू, उदित नारायण, अलका याग्निक और अनुराधा पौडवाल जैसे कलाकारों ने मिलकर इंडस्ट्री को पूरी तरह बदल दिया था.

अनुराधा पौडवाल के फैसले से अलका याग्निक को फायदा

रमेश तौरानी ने खुलासा किया कि अनुराधा पौडवाल को उस दौर में नई लता मंगेशकर माना जा रहा था, जबकि अलका याग्निक को नई आशा भोंसले की तरह देखा जाने लगा था. किस्मत ने तब पलटा खाया जब अनुराधा पौडवाल ने फिल्मों में गाना बंद करके पूरी तरह से टी-सीरीज और भक्ति संगीत पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया. अनुराधा जी के इस फैसले से अलका याग्निक के लिए रास्ते पूरी तरह से खुल गए.

अलका याग्निक कैसे बनीं नंबर वन चॉइस?

अनुराधा पौडवाल के फिल्मों से हटने का सीधा फायदा अलका याग्निक को मिला. उन्हें सोलो, डुएट और हर तरह के बेहतरीन गाने मिलने लगे. उस समय चाहे नदीम-श्रावण का संगीत हो या अनु मलिक का, हर कंपोजर की पहली पसंद अलका याग्निक ही बन गईं. उनकी सुरीली आवाज और हर जॉनर के गानों को आसानी से गाने की कला ने उन्हें नब्बे के दशक का सबसे बड़ा सुपरस्टार बना दिया.

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About the Author

Alkesh Kushwaha

Alkesh Kushwaha

अल्केश कुशवाहा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है. वर्तमान में वे जी न्यूज हिंदी में चीफ सब-एडिटर के रूप में बॉलीवुड-वायरल सेक्शन संभाल रहे हैं. अल्केश की मुख्य विशेषज्ञता बॉलीवुड, एंटरटेनमेंट, वायरल सिनेमा ट्रेंड्स और सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव्स में है. साल 2012 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत करने वाले अल्केश ने दैनिक भास्कर, हिन्दुस्तान टाइम्स, राजस्थान पत्रिका और NDTV जैसे देश के अग्रिम मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. अल्केश ने अपने करियर में अर्जुन रामपाल, ऋचा चड्ढा और राजपाल यादव जैसी कई दिग्गज बॉलीवुड हस्तियों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यूज किए हैं. फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस एनालिसिस, सेलिब्रिटी गॉसिप्स और एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स का इन-डेप्थ डेटा एनालिसिस करना उनका मजबूत पक्ष है. वे पाठकों तक बॉलीवुड जगत की हर छोटी-बड़ी खबर सटीक, निष्पक्ष और विश्लेषणात्मक तरीके से पहुंचाते हैं. आप अल्केश कुशवाहा से सीधे alkesh.kushwaha@zeemedia.com पर संपर्क कर सकते हैं.
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