Asian Games: रोशिबिना देवी ने किया कमाल, वुशू में सिल्वर किया पक्का, विवाद के बाद एशियन गेम्स में लिया था भाग
एशियाई खेलों में भारत के लिए एक और मेडल पक्का हो गया है.वुशू खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने गोल्ड मेडल मैच में अपना स्थान पक्का कर लिया है. रोशिबिना ने इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगत्यास को 10-0 से हराया.
भारत की वुशू खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स 2026 में कमाल दिखाते हुए गोल्ड मेडल मैच में एंट्री ले ली है. उन्होंने बुधवार (23 सितंबर) को महिलाओं की 60 किग्रा भारवर्ग में मेडल पक्का किया. रोशिबिना ने इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगत्यास को 10-0 से हराया. भारत के अब तक जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में 11 मेडल पक्के हो चुके हैं. इनमें से एक गोल्ड महिला क्रिकेट में आया है. देश को 5 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मिले हैं.
रोशिबिना ने एशियाई खेलों में अब तक लगातार बेहतर खेल दिखाया है. उन्होंने सोमवार को प्री-क्वार्टर फाइनल में बांग्लादेश की एस खातून को परास्त किया था. इसके बाद रोशिबिना ने चीन की चू मैन सिन को क्वार्टर फाइनल में 5-0 से हराया. अब उन्होंने इंडोनेशिया की खिलाड़ी को सेमीफाइनल में परास्त करके गोल्ड मेडल मैच में अपनी जगह पक्की कर ली.
कौन हैं रोशिबिना देवी?
मणिपुर की 26 वर्षीय खिलाड़ी रोशिबिना वुशू के सांडा कैटेगेरी में खेलती हैं. उन्होंने 2018 एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करके अपना नाम बनाया था. रोशिबिना ने तब महिलाओं की 60 किग्रा भारवर्ग में पाकिस्तान की मुबाशरा अख्तर को हराकर सेमीफाइनल में अपना स्थान पक्का किया था. हालांकि, वह फाइनल में नहीं पहुंच पाई थीं और उन्हें ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा था. रोशिबिना ने इसके 5 साल बाद हांग्झो एशियाई खेलों में ब्रॉन्ज के रंग को बदला था और फाइनल में हार के बाद सिल्वर लेकर स्वदेश लौटी थीं. इसके बाद उन्हें 2023 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.
एशियन गेम्स 2026 से पहले क्या विवाद हुआ?
आइची-नागोया में एशियन गेम्स से पहले वुशू में बड़ा विवाद देखने को मिला. दिव्यांशी चौधरी को अचानक ही भारतीय दल से बाहर निकाले जाने के बाद हड़कंप मच गया. दिव्यांशी ने वीडियो बनाकर अपनी बात सबके सामने रखी और वुशू एसोसिएशन ऑफ इंडिया के खिलाफ बयान दिया. 22 अगस्त को जारी खिलाड़ियों की लिस्ट में उनका नाम था, लेकिन खेल मंत्रालय ने बाद में उन्हें चोट के कारण बाहर कर दिया गया. उनके स्थान पर रोशिबिना देवी का सेलेक्शन हुआ.
दिव्यांशी को मिली थी आराम की सलाह
वुशू एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इस विवाद कहा कि दिव्यांशी की एमआरआई जांच कराई गई थी और उसमें यह बात सामने आई थी कि वह हाई-ग्रेड एसीएल टियर से जूझ रही हैं. इसे ठीक करने के लिए उन्हें आराम की सलाह दी गई थी. यहां तक कि दिव्यांशी को ट्रेनिंग से भी दूर रहने के लिए कहा गया था. दिव्यांशी ने बाहर निकाले जाने के फैसले के खिलाफ आवाज उठाया. उन्होंने मानसिक रूप से प्रताड़ना का आरोप लगाया. यहां तक कि रोशिबिना पर भी कई आरोप लगा दिए.
रोशिबिना को हराने का दावा
दिव्यांशी ने यह भी दावा किया कि उसने रोशिबिना को एक सेलेक्शन ट्रायल में हराया था और सवाल किया कि डॉक्टरों ने उन्हें चोट के साथ खेलने की इजाजत दे दी थी, फिर भी उसे टीम से क्यों हटा दिया गया. दिव्यांशी ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने उससे कहा था कि वह घुटने पर टेप लगाकर हिस्सा ले सकती है और सवाल किया कि उसे ठीक से बताए बिना उसकी मेडिकल रिपोर्ट का इस्तेमाल करके यह फैसला क्यों लिया गया.
ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: कबड्डी में भारत का मेडल पक्का, बांग्लादेश को 48-25 के अंतर से पीटा, सेमीफाइनल में धमाकेदार एंट्री
वुशु एसोसिएशन ने क्या कहा?
वुशु एसोसिएशन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि दिव्यांशी को हटाने का मकसद रोशिबिना को जगह देना था और कहा कि यह बदलाव पूरी तरह से मेडिकल आधार पर किया गया था. एसोसिएशन के मुताबिक, दिव्यांशी को जून में चीन के हुबेई में 2026 SCO वुशु सांडा चैंपियनशिप के दौरान चोट लगी थी. वह लगभग एक महीना घर पर बिताने के बाद 10 अगस्त को NIS पटियाला में नेशनल कैंप में लौटी. एसोसिएशन ने कहा कि उसने अगस्त में ट्रेनिंग के दौरान दर्द की शिकायत की और उसकी हालत बिगड़ने के बाद, 23 अगस्त को पटियाला के मणिपाल हॉस्पिटल में उसका एमआरआई हुआ.
ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: क्या 44 साल बाद खत्म होगा गोल्ड मेडल का सूखा? महिला हॉकी टीम की प्रचंड फॉर्म, लगाई जीत की हैट्रिक
दिव्यांशी ने मान ली एसोसिएशन की बात
एसोसिएशन के अनुसार, एमआरआई में एसीएल में थोड़ा हाई-ग्रेड टियर दिखा, जिसमें बड़ा इफ्यूजन था. बाद में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मेडिकल स्टाफ और एक ऑर्थोपेडिक डॉक्टर ने रिपोर्ट को रिव्यू किया, जिन्होंने दिव्यांशी को ठीक होने तक कॉम्पिटिटिव एक्टिविटी और पूरी ट्रेनिंग से दूर रहने की सलाह दी. एसोसिएशन के अनुसार, सर्जरी की भी सलाह दी गई थी. दिव्यांशी ने बाद में कहा कि वह एसोसिएशन का फैसला समझती है और 2030 एशियन गेम्स के लिए ज्यादा मजबूत होकर लौटने की इच्छा जताई.