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एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम 44 साल से चला आ रहा गोल्ड मेडल का सूखा खत्म करने के लिए तैयार है. टीम ने धमाकेदार प्रदर्शन जारी रखते हुए गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में पूल बी के मैच में थाईलैंड को 20-1 से रौंदते हुए एक और बड़ी जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही भारत का टूर्नामेंट में अजेय रिकॉर्ड बरकरार है. यह भारत की लगातार तीसरी जीत है. इससे पहले भारतीय टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 और फिर इंडोनेशिया को 17-1 के बड़े अंतर से शिकस्त दी थी.
थाईलैंड के खिलाफ दीपिका ने रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करते हुए 9 गोल दागे. फॉरवर्ड और ड्रैग-फ्लिक स्पेशलिस्ट दीपिका ने अपने सभी 9 गोल पेनल्टी कॉर्नर से किए, जिससे बार-बार यह साफ हुआ कि थाईलैंड को भारत के सेट-पीस अटैक का सामना करने में कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. नवनीत कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार गोल दागे, जबकि रुतुजा पिसल ने हैट्रिक पूरी की.
नेहा, लालरेम्सियामी, साक्षी राणा और कप्तान सलीमा टेटे की चौकड़ी ने भी बहती गंगा में हाथ धोए और गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया. भारतीय टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाया और लगातार विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा. थाईलैंड का तीन क्वार्टर तक खाता भी नहीं खुला था. वहीं, चौथे क्वार्टर के आखिर में टीम को एक गोल नसीब हुआ. भारत की यह जीत पूल बी में उसके शानदार प्रदर्शन का हिस्सा रही. इससे पहले टीम ने इंडोनेशिया को 17-1 से हराकर अपनी जबरदस्त गोल करने की क्षमता दिखाई थी.
हांगझोऊ एशियन गेम्स में इस टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था. अब इस बार उससे बेहतर प्रदर्शन करने पर टीम का फोकस है. अब टीम का अगला मुकाबला 25 सितंबर को जापान से होगा, जिसे जीतकर टीम नॉकआउट की तरफ कदम बढ़ाना चाहेगी. गोल्ड मेडल की बात करें तो 1982 के बाद महिला हॉकी में एशियाई खेलों में गोल्ड नहीं मिला है.