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अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. 'हाउस' और सीनेट दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत हासिल कर लिया है. सबसे हैरान करने वाले नतीजे कंसास से आए, जहां करीब 100 साल बाद डेमोक्रेट्स ने चुनाव जीता है. बताया जाता है कि आखिरी बार यहां पर 1932 में डेमोक्रेट्स ने जीत दर्ज की थी. उसके बाद से ये क्षेत्र रिपब्लिकन का गढ़ रहा है. इसी तरह से डेमोक्रेट्स ने जॉर्जिया में भी एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की, यहां डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता कीशा लेंस बॉटम्स ने गवर्नर का चुनाव जीत लिया है. वह अमेरिका की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बन गई हैं. इससे पहले वह 2018 से 2022 तक अटलांटा की मेयर रह चुकी हैं. इस बार मिशिगन में सीनेट चुनाव भी काफी दिलचस्प रहा. यहां डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद और रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवार माइक रोजर्स के बीच हुए कड़े मुकाबला हुआ. राष्ट्रपति ट्रंप की रैली के बावजूद अब्दुल ने यहां कामयाबी हासिल की. यह नतीजे ट्रंप के लिए बड़े झटके हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी हार स्वीकार करते हुए डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की बात कही है. हालांकि, उनके कुछ बयान ऐसे हैं, जिनसे अमेरिकी सियासत में खलबली मच गई है.
हार के बाद ट्रंप के पांच बड़े बयान
बयान नंबर- 1: उम्मीदवारों पर फोड़ा हार की ठीकरा
मिडटर्म चुनाव में ट्रंप ने हार का ठीकरा अपनी पार्टी के प्रत्याशियों पर फोड़ते हुए साफ कहा कि यह उनकी हार नहीं है. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि इस चुनाव में हार का ठीकरा उनके सिर नहीं फोड़ा जाना चाहिए, क्योंकि वो खुद चुनाव मैदान में नहीं थे.
बयान नंबर- 2: डेमोक्रेट्स को दी जीत की बधाई
ट्रंप ने अपने दूसरे बयान में डेमोक्रेट्स उम्मीदवारों को जीत की बधाई दी. राष्ट्रपति ने कहा कि वे बहुत पहले से इसकी कोशिश में जुटे हुए थे. लंबे समय की कोशिश ने आखिरकार उन्हें सफलता दिला दी.
बयान नंबर- 3: असफलता से निराश नहीं
मिडटर्म चुनाव की हार को ट्रंप ने स्वीकार तो कर लिया है, लेकिन इसे अपनी हार नहीं मान रहे हैं. उन्होंने साफ कहा कि इन नतीजों को वह अपने राष्ट्रपति कार्यकाल की असफलता के रूप में नहीं देखते हैं. ट्रंप ने कहा कि दो साल पहले हुए चुनाव में देश की जनता ने उन्हें अपार समर्थन दिया था. वे देश के इतिहास में सबसे बेहतरीन नतीजे थे.
बयान नंबर- 4: वीटो पावर का इस्तेमाल करने की धमकी
मिडटर्म में हार के बाद ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट्स के साथ वह काम करने को तैयार हैं, लेकिन किसी बिल को लेकर उन्हें मजबूर नहीं किया जा सकता. ट्रंप ने साफ कहा कि अगर कोई ऐसा बिल लाया गया, जिसे वे पसंद नहीं करते, तो वह अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल करेंगे.
बयान नंबर- 5: चुनाव में महंगाई बन गया बड़ा मुद्दा
हार के कारणों पर वॉल स्ट्रीट जर्नल से बात करते हुए राष्ट्रपति ने महंगाई को बड़ा मुद्दा बताया. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण अमेरिका में तेल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं. इसके साथ खाने-पीने और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई. शायद वोटर्स में इसी बात को लेकर नाराजगी रही है. इस दौरान ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कुछ बड़ा करने की बात कही. उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर चिंता बढ़ सकती है.
ट्रंप की हार पर ओबामा का तंज
उधर, मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की हार पर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तीखा हमला किया है. ओबामा ने कहा कि इन नतीजों से स्पष्ट है कि जनता अब बदलाव चाहती है. ओबामा ने आगे कहा कि मौजूदा प्रशासन के पास अभी दो साल और हैं. ऐसे में अब उनकी पार्टी को काफी काम करना होगा. रिपब्लिकन को सलाह देते हुए ओबामा ने कहा कि उन्हें आगे होने वाले नुकसान को रोकना होगा और भविष्य की तैयारी करनी होगी.