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डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा फिल्मों में हिंसा दिखाने की वजह से चर्चा में रहते हैं. उनकी फिल्म दिखाए गए एक्शन और हिंसा वाले सीन पर कई बार सवाल उठ चुके हैं. आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में एक स्कूल के अंदर चेनसॉ हमले के बाद से उनकी फिल्मों को लेकर बहस शुरू हो गई. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस घटना को फिल्मों में दिखाई गई हिंसा से जोड़ा है. वहीं, अब एनिमल फिल्म निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा का रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने आलोचकों पर हमला बोला है.
आंध्र प्रदेश में हाल ही में हुए चेनसॉ हमले के बाद से ही ऑनलाइन पर बहस शुरू हो गई कैसे एनिमल और धुरंधर जैसी फिल्मों के हिंसक सीन को अपराधी रियल लाइफ में नकल कर रहे हैं. फिल्मों पर हिंसा को नॉर्मल बनाने का आरोप लगा है. वहीं अब 4 नवंबर 2026 को संदीप ने इन सभी आलोचना का जवाब देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा- जब कोई बहुत बड़ा अपराध करता है, तो पहला रिस्पॉन्स हमदर्दी और बड़ी प्रॉब्लम को समझने की कोशिश होनी चाहिए.
सिनेमा को आसान बलि का बकरा नहीं समझना चाहिए. इससे साफ पता चलता है कि आपकी चिंता पीड़ित या उनके परिवार के लिए नहीं बल्कि आप अपने इन हादसों को इस्तेमाल अपने पर्सनल हिसाब को बराबर करने के लिए गंदे बहाने बनाने के रूप में कर रहे हैं.
अपने पोस्ट में निर्देशक ने आगे लिखा- यह खास तौर पर फेल, जॉबलेस मेल, फीमेल, फ्रस्ट्रेटेड, कुछ डायरेक्टर्स, प्रोड्यूर्स और पैरासाइट्स के लिए है. जो किसी और के काम पर तंज कसने का मौका मिलते ही खुद को सोशल मीडिया रिफॉर्मर बना लेते हैं यह ट्रेजेडी एंपैथी की हकदार है, मौकापरस्ती की नहीं, फर्क समझें.
When someone commits a heinous crime, the first response should be empathy & an attempt to understand the larger problem. Not finding a convenient scapegoat in cinema. It is becoming increasingly clear that your concern is not for the victims or their families, but that you're using a horrific tragedy as a dirty excuse to settle your personal scores. This is especially directed at those failed frustrated jobless male/female actors, few directors, producers & parasites, who suddenly appoint themselves as social reformers whenever an opportunity arises to take a dig at someone else's work. A tragedy deserves empathy 🙏, not opportunism. Learn the difference.
— Sandeep Reddy Vanga (@imvangasandeep) November 4, 2026
संदीप के पोस्ट से पहले फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने भी डायरेक्टर का बचाव किया था. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था- हाल ही में रिलीज फिल्म जैसे एनिमल और केजीएफ की फोटो और वीडियो शेयर किए थे, बतया है कि क्राइम में बढ़ावा के लिए फिल्मों दोष देना वैसा ही है, जैसे किडनैपिंग में बढ़ोतरी के लिए रामायण को दोष देना.
संदीप रेड्डी वांगा ने अपने करियर की शुरुआत तेलुगु फिल्म अर्जुन रेड्डी से साल 2017 में की थी. फिल्म में विजय देवरकोंडा लीड रोल में थी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई थी. साल 2019 में फिल्म अर्जुन रेड्डी का हिंदी रीमेक बना था, फिल्म में शाहिद कपूर लीड रोल में थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट थी लेकिन फिल्म को लेकर इंटरनेट पर काफी बहस हुई थी. इसके बाद उन्होंने एनिमल फिल्म बनाई. एनिमल फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई थी. लेकिन फिल्म में दिखाए गए एक्शन सीन और महिलाओं के किरदार को लेकर इंटरनेट पर फिल्म की काफी आलोचना हुई थी.