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अमेरिका में हो रहे मध्यावधि चुनाव के लिए वोटों की गिनती चल रही है. ये मध्यावधि के चुनाव ट्रंप के अगले दो साल के कार्यकाल पर सीधा असर डालेंगे. वोटों की गिनती के दौरान डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन में कांटे की टक्कर नजर आ रही है. इस मध्यावधि चुनाव में अमेरिका के दोनों दलों (डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन) ने कई चुनाव के दौरान कई भारतीय मूल के लोगों को भी उम्मीद बनाया, जिसमें कई नेताओं ने जीत दर्ज करते हुए अमेरिकी कांग्रेस (अमेरिका की संसद) में जगह बनाई है.
इसी में एक नाम सुहास सुब्रमण्यम का, जो भारतीय मूल के हैं और 2026 के मिडटर्म चुनावों में वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से US हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (अमेरिकी प्रतिनिधि सभा) के लिए चुने गए हैं. जानकारी के अनुसार, उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव टी. बेकविथ को शिकस्त दी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, सुहास सुब्रमण्यम को 63.16% वोट मिले. वहीं, रिपब्लिकन बेकविथ को 34.66% वोट मिले. वहीं, फ्लोरिडा से पिया डांडिया ने जीत हासिल की है.
सबसे खास बात है कि सुब्रमण्यम को यह जीत ऐसे समय पर मिली है, जब उन्होंने खुद भारतीय-अमेरिकियों से मिडटर्म चुनावों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की थी. चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि अमेरिका में बढ़ती नफरत और भेदभाव के बीच, उनकी आवाज लोगों के लिए कहीं अधिक मायने रखती है.
मंगलवार को वर्जीनिया के मनासास में उन्होंने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया और समाचार एजेंसी एएनआई से बात करेत हुए कहा कि राज्य में रिकॉर्ड मतदान हो रहा है. उन्होंने बातचीत के दौरान भरोसा जताया था कि इस मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स का पलड़ा भारी रहेगा और अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज होगी. वोट के बाद जब मतगणना की गई, उसमें सुब्रमण्यम ने जीत हासिल की है.
सुहास सुब्रमण्यम के अलावा भारतीय-अमेरिकी पिया डांडिया ने भी अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में परचम लहराया है. उन्होंने ट्रंप के घर यानी फ्लोरिडा में ही रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराया. डांडिया अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करेंगी. डांडिया ने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी, केसी असकर को हराया.
जानकारी के अनुसार, ट्रंप के फ्लोरिडा में रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराया है. बताया जाता है कि डंडिया 52.22%–47.78% से जीता हैं. साल 2024 में इस जिले ने ट्रम्प के पक्ष में 10.3 अंकों से मतदान किया था.पिया डांडिया के माता-पिता राजस्थान से हैं, जो अमेरिका जाकर बस गए. रिपोर्ट्स के अनुसार, पिया डांडिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा में हुआ. डांडिया एक पूर्व शिक्षिका और हाई स्कूल की प्रिंसिपल रही हैं.फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की है.
भारतवंशियों की जीत की इसी कड़ी में भारतीय-अमेरिकी लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने एक और कार्यकाल हासिल किया है. डेमोक्रेटिक के टिकट पर अरुणा मिलर चुनावी मैदान में थे और उन्होंने जीत हासिल की है. मिलर ने रिपब्लिकन पार्टी के लेफ्टिनेंट गवर्नर उम्मीदवार रॉब क्रोप को शिकस्त दी है. मिलर के फिर से चुने जाने के बाद देश के सबसे ऊंचे राज्य कार्यकारी पदों में से एक पर भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधित्व बना रहेगा.
उन्होंने इस दौरान भारतीय-अमेरिकियों से एक खास अपील भी की और कहा कि मैंने चुनाव लड़ा और मैं जीता. आप भी ऐसा कर सकते हैं. अगर आप राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं, तो यही सही समय है. यह पहले से कहीं अधिक जरूरी है. इस दौरान कांग्रेसमैन ने अमेरिकी संसद के कामकाज की आलोचना भी और कहा कि लोग उन प्रतिनिधियों से असंतुष्ट हैं जो आम नागरिकों के बजाय राष्ट्रपति को ज़्यादा अहमियत देते हैं. डेमोक्रेट्स हेल्थकेयर और खाद्य सहायता को बहाल करने पर ध्यान देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सार्वजनिक संसाधनों का लाभ अमेरिकी नागरिकों को मिले.
सुहास सुब्रमण्यम 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी हैं. उनकी मां बेंगलुरु से हैं, जबकि उनके पिता चेन्नई और सिकंदराबाद में पले-बढ़े हैं. सुब्रमण्यम के माता-पिता 1979 में वर्जीनिया में शिफ्ट हो गए थे. सुब्रमण्यम पेशे से वकील हैं और उन्होंने ट्यूलेन यूनिवर्सिटी और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के प्रित्जकर स्कूल ऑफ लॉ से डिग्रियां हासिल की हैं.जानकारी के अनुसार, राजनीति में कदम रखने से पहले उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी पॉलिसी सलाहकार के रूप में भी काम किया.
मध्यावधि चुनाव के लिए प्रचार के दौरान सुहास सुब्रमण्यम ने मजबूती से अपनी बातों को रखा और बढ़ती लागत, स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी चिंताओं के बारे में लोगों को बताया. इसके अलावा उन्होंने कई फैसलों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना भी की. अपने प्रचार के दौरान सुहास सुब्रमण्यम ने भारतीय पेशेवरों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया.