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धन-समृद्धि, लक्ष्मी जी की कृपा पाने के लिए धनतेरस का दिन साल का सर्वश्रेष्ठ दिन माना गया है. लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदकर निश्चिंत हो जाते हैं कि उन्होंने अपना काम कर लिया है. लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है. धर्म-शास्त्रों के अनुसार, धनतेरस के दिन कुछ नियमों का पालन करना और इस दिन से जुड़े जरूरी काम भी करने होते हैं, तभी मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है. साथ ही इस दिन आपने गलतियां कीं तो उल्टे लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं, जो आपको तंगी-कर्ज का शिकार बना सकती हैं.
सबसे पहली बात तो यह जान लें कि धनतेरस के दिन कौन-कौनसी गलतियां नहीं करनी चाहिए, वरना फायदे की बजाय नुकसान होने के योग बनते हैं.
1. उधार लेकर शॉपिंग करना : धनतेरस के दिन शॉपिंग करना, सोना-चांदी लेना ठीक नहीं है. बेहतर है आपका जितना बजट हो उतनी ही खरीदारी करें. मान्यता है कि धनतेरस के दिन उधार लेना कर्ज की ओर ले जाता है.
2. झाड़ू : धनतेरस के दिन नई झाड़ू लेना और पुरानी को हटाना महत्वपूर्ण प्रक्रिया और परंपरा है. कई लोग सोना-चांदी तो खरीद लेते हैं लेकिन झाड़ू खरीदना भूल जाते हैं.
3. घर गंदा रखना: कई लोग दिवाली के दिन तक घर की साफ-सफाई, कबाड़ हटाने का काम जारी रखते हैं. जिससे धनतेरस के दिन भी घर फैला हुआ, अस्त-व्यस्त और गंदा रहता है. ऐसी गलती न करें. धन-तेरस के एक दिन पहले ही साफ-सफाई का काम खत्म कर लें. धनतेरस से रोजाना की साफ-सफाई ही करें. साथ ही घर को सजाएं और मां लक्ष्मी, धन कुबेर की पूजा करके उनसे घर में आगमन की प्रार्थना करें.
4. दान : धनतेरस का दिन सिर्फ कमाने और खरीदारी करने का नहीं है. इस दिन दान भी करना जरूरी है. गरीब-जरूरतमंदों को पैसा, भोजन, मिठाई आदि बांटें. तभी पूजा-पाठ का पूरा फल मिलेगा.
5. नुकीली चीजों की खरीदारी: कई लोग धनतेरस के दिन जब शॉपिंग करने बाजार निकलते हैं, तो ऐसी चीजें भी ले आते हैं, जो जरूरत की तो होती हैं, लेकिन उन्हें धनतेरस के दिन खरीदना अशुभ होता है. जैसे- लोहे, प्लास्टिक, कांच की चीजें. नुकीली चीजें, काले कपड़े या काली चीजें आदि.
- धनतेरस के दिन जितना महत्व मां लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा का है, उतना ही महत्व यम देवता के लिए दीपक जलाने का है. इस दिन दक्षिण दिशा में तेल का दीपक जरूर जलाएं.
- धनतेरस की पूजा में धनिया के बीज और कौड़ियां भी अर्पित करें. मां लक्ष्मी को ये बेहद प्रिय हैं.
(Disclaimer-यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है. इसका उद्देश्य किसी भी अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है. खरीदारी अपने बजट के अनुसार करें और किसी भी उपाय को करने से पहले अपने पंडित या ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें.)