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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क को लेकर बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के भारत विरोधी मॉड्यूल में सिर्फ स्थानीय अपराधी ही नहीं, बल्कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के पांच एजेंट और पाकिस्तानी सेना के तीन अधिकारी भी शामिल पाए गए हैं.
भारत विरोधी वारदातों की साजिश बेनकाब
जांच में शहजाद भट्टी के अलावा आईएसआई एजेंट मोहम्मद हमद और आबिद जट और पाकिस्तानी सेना के मेजर हामिद, मेजर इकबाल व मेजर अनवर के नाम सामने आए है. जांच में यह बात साबित हुई है कि ये सभी आरोपी पाकिस्तान में बैठकर सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे. उन्हें अपने नेटवर्क से जोड़ रहे थे और उनके जरिए भारत विरोधी वारदातों की साजिश रच रहे थे.
कैसे आतंकी भट्टी मॉड्यूल में फंसते हैं युवा?
एनआईए ने अपनी जांच में इन सभी को आरोपी बनाया है. सूत्रों का कहना है कि युवाओं को रुपयों का लालच, अवैध हथियार और काम पूरा होने के बाद सुरक्षित ठिकाने दिलाने का झांसा दिया जाता था. इनका मुख्य मकसद भारत में संवेदनशील स्थानों की रेकी कराना, वीआईपी हस्तियों को निशाना बनाना और हमलों के जरिए अशांति फैलाना था.
तुषार और समीर की गिरफ्तारी
23 अप्रैल को उत्तर प्रदेश एटीएस ने नोएडा से बागपत निवासी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान और दिल्ली निवासी समीर खान को गिरफ्तार किया था. जांच में सामने आया कि दोनों पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी आबिद जट के संपर्क में था. गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक पिस्तौल, जिंदा कारतूस और चाकू बरामद किए गए थे.
दिल्ली-यूपी को दहलाने की थी साजिश
तुषार चौहान पर सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ अपनाने, धर्म परिवर्तन करने और विदेशी हैंडलर्स के इशारे पर दिल्ली-एनसीआर के साथ ही यूपी में ग्रेनेड हमलों और टारगेट किलिंग की साजिश रचने का आरोप है. इसके बदले दोनों को दुबई के रास्ते पाकिस्तान पहुंचाने और वहां बसाने का आश्वासन दिया गया था. इस मामले में एटीएस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.
सुरक्षा एजेंसियों का एक्शन
जांच में आईएसआई एजेंट हमद, आबिद, हामिद इकबाल और अनवर के नाम सामने आए हैं. अब एनआईए पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है. एनआईए ने इस मामले में आईएसआई एजेंटों समेत पाक सेना के अधिकारियों को नामजद आरोपी बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी.
यह मामला साफ दिखाता है कि किस तरह पारंपरिक आतंकवाद के बजाय अब 'हाइब्रिड टेररिज्म' के जरिए भारत में अस्थिरता फैलाने की खतरनाक साजिशें रची जा रही हैं.
(लखनऊ से विशाल रघुवंशी की रिपोर्ट)