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जालौन गयादीन मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश: पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी मोनू गिरफ्तार, खुलासे ने उड़ाए सबके होश!

जालौन में अधिवक्ता गयादीन अहिरवार हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक लाख के इनामिया बदमाश को गिरफ्तार कर लिया है. हत्यारोपी के दोनों पैर में गोली लगी है. इस मामले में कुल 5 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं.

जालौन गयादीन मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश: पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी मोनू गिरफ्तार, खुलासे ने उड़ाए सबके होश!

जालौन के अधिवक्ता गयादीन अहिरवार हत्याकांड में एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे उधड़ रही हैं, वैसे-वैसे साजिश के ऐसे खौफनाक राज सामने आ रहे हैं, जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं हैं. इस मामले में पुलिस और हत्यारोपी के बीच हुई मुठभेड़ में इनामिया बदमाश पुलिस के हत्थे चढ़ गया है.

1 लाख का इनामी मोनू यादव गिरफ्तार
अधिवक्ता हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस और एसओजी के हाथ बड़ी सफलता लगी है. बीती रात करीब 02:45 बजे कालपी कोतवाली क्षेत्र के जोल्हूपुर-मदारीपुर के जंगल के पास हत्यारोपी से पुलिस की मुठभेड़ हो गई. इस मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश मोनू यादव उर्फ पवन यादव पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया.

अब तक 5 आरोपियों को पुलिस ने दबोचा
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने झाड़ियों में छिपकर पुलिस पर दो राउंड फायरिंग की. जिसके चलते पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों पैरों में गोली लगने से मोनू घायल हो गया और पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया. उसे तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल उरई में भर्ती कराया गया. इस हत्याकांड में अब तक पुलिस कुल 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है. एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने इस मुठभेड़ और पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी.

पिता की शह पर रची गई खूनी साजिश
पुलिस जांच में जो सबसे बड़ा खुलासा हुआ है, वह यह है कि मुख्य आरोपी मोनू यादव को इस रास्ते पर धकेलने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका अपना पिता अजय कुमार था. ठेकेदार इंद्रजीत यादव की अजय कुमार से पुरानी जान-पहचान थी. इंद्रजीत ने अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की एक फोटो अजय कुमार के मोबाइल पर भेजी और साफ निर्देश दिए कि इस शख्स को किसी भी कीमत पर रास्ते से हटाना है.

इसके बाद अजय ने अपने बेटे मोनू को भरोसे में लिया. पिता ने बेटे से कहा कि वह एक बड़े आदमी से मिलवा रहा है, जिसका काम करने पर अच्छा फायदा होगा और आगे भी मदद मिलती रहेगी. इस तरह लालच और पारिवारिक शह में आकर मोनू ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए रजामंदी दे दी.

मुवक्किल बनकर मिला मुख्य आरोपी
हत्या को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने रेकी की. मोनू ने खुद को मुसीबत में फंसा बताकर रामपुरा के एक मुकदमे को निपटवाने के बहाने अधिवक्ता गयादीन से संपर्क किया और एक हजार रुपये फीस देकर दो दिन बाद मिलने की बात कह दी. फिर वह चला गया. ताकि उन पर शक न हो.

बेटे के सामने से किया अपहरण
घटना वाले दिन जब गयादीन उरई कोर्ट से लौटकर कालपी पहुंचे, तो उनकी हर हरकत पर नजर रखी जा रही थी. वे अपने बेटे हर्ष के साथ मुन्ना फुलपावर चौराहे पर थे. वहां से फाइल दिखाने के बहाने उन्हें दुर्गा मंदिर चौराहे पर बुलाया गया, जहां एक बिना नंबर की सफेद कार खड़ी थी. कार से उतरकर एक शख्स ने उनके पैर छुए और उन्हें नाश्ते के बहाने कार में बैठा लिया.

बेटे की आंखों के सामने उसके पिता का अपहरण कर लिया गया. जब बेटे को शक हुआ तो उसने कार का पीछा किया और फोन मिलाया, लेकिन तब तक मोबाइल बंद हो चुका था. इसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई. रविवार सुबह पुलिस ने कानपुर से उनका शव बरामद किया था.

अधिवक्ताओं और परिजनों का फूटा गुस्सा
इस निर्मम हत्या के बाद से अधिवक्ताओं और परिजनों में आक्रोश देखने को मिला. जहां एक ओर पुलिस ने ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही बरतने के आरोप में कालपी कोतवाली प्रभारी को लाइन हाजिर किया जा चुका है. बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने सड़कों पर उतरकर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा. बहरहाल, इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री ने पूरे बुंदेलखंड के न्यायिक जगत को झकझोर कर रख दिया है.

(जालौन से जितेंद्र सोनी की रिपोर्ट)

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About the Author

Pooja Singh

Pooja Singh

पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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