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धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदने की परंपरा है और अधिकांश लोग धन-समृद्धि पाने के लिए ये कीमती धातुएं खरीदते हैं. लेकिन साल 2026 में सोना-चांदी की कीमतों ने जो ऊंचाइयां छुईं और फिर साल के मध्य से उनमें गिरावट का दौर शुरू हुआ, उसने लोगों को कंफ्यूज कर दिया है कि धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदें या नहीं. अगर खरीदें तो सोना में पैसा लगाएं या चांदी में. ताकि आने वाले नए साल 2027 या उससे आगे के सालों में उन्हें इससे लाभ हो सके. ज्योतिषाचार्य से ग्रहों की हालिया स्थिति और आगे के समय को लेकर जानते हैं इन सारे सवालों के जवाब.
6 नवंबर को धनतेरस है और इसी दिन धन-समृद्धि, भौतिक सुख के ग्रह शुक्र कन्या राशि में आ रहे हैं. इतना ही नहीं वे वक्री चाल (उल्टी चाल) चलते हुए अपनी नीच राशि कन्या में आ रहे हैं. साथ ही इस दिन शुक्रवार भी है, इस दिन लक्ष्मी जी और शुक्र देव की पूजा की जाती है. वहीं धनतेरस से 6 दिन पहले 31 अक्टूबर को गुरु गोचर करके सिंह राशि में आए हैं.
धनतेरस पर सोना खरीदना सही होगा या नहीं, इस पर ज्योतिषाचार्य आचार्य विक्रमादित्य कहते हैं कि धनतेरस का दिन धन की उपासना करने और घर में धन को लाने का पर्व है. सोना स्थिर धातु है, इसे धनतेरस पर घर लाने से धन-समृद्धि बनी रहती है. फिर चाहे सोने के बर्तन लाएं, गहने खरीदें या भगवान की मूर्ति लें.
ग्रहों के परिवर्तन और उसके कारण सोने की कीमतों पर असर पर नजर डालें तो साल 2026 की शुरुआत में गुरु मिथुन राशि में थे. यह द्विस्वभाविक राशि है, यानी तेजी भी लाती है और मंदी भी. इसलिए जनवरी के बाद से सोने के दामों में खूब बढ़ोतरी हुई, साथ ही कभी-कभी कुछ उतार भी आया. लेकिन 2 जून को जब गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में आए तो सोने की कीमतों में उतार आना शुरू हुआ. यानी कि सोने के दामों में जो हवा भरी थी, वो निकल गई और स्थिरता आ गई.
इस समय सोना के दाम साल 2026 की शुरुआत की तुलना में काफी कम हैं. वहीं 31 अक्टूबर को गुरु के स्थिर राशि सिंह में आने से आने वाले 2 महीनों में सोने की कीमतों में ठहराव आने की संभावना है. ऐसे में सोना खरीदना घाटे का सौदा तो नहीं लगता है.
ज्योतिषाचार्य आचार्य विक्रमादित्य कहते हैं, साल 2027 में होने जा रहे ग्रहों के परिवर्तन मार्केट में बड़े बदलावों का इशारा दे रहा है. कम से कम साल के शुरुआती 6 महीने में धातुओं के दाम में खासे उतार-चढ़ाव आ सकते हैं. हालांकि 2027 आधा बीतने के बाद स्थिरता आ सकती है.
- जो लोग लॉन्ग टर्म निवेश के लिए सोना लेना चाहते हैं, वो ले सकते हैं.
- जिन लोगों के घर में शादी जैसे उत्सव होने वाले हैं या शादी योग्य बच्चे हैं, वे लोग उनके लिए गहने खरीद सकते हैं.
- जिन लोगों की कुंडली में गुरु की स्थिति अच्छी है, वे भी सोना खरीद सकते हैं.
सबसे जरूरी बात ये है कि उधार लेकर बड़ा इंवेस्टमेंट करने की गलती न करें. वरना नुकसान हो सकता है.
चांदी भले ही बीते कुछ दिनों से गिरावट देख रही है. लेकिन अब फिर से चांदी के दाम बढ़ने के योग बन रहे हैं. धनतेरस के दिन नीच राशि कन्या में शुक्र का गोचर और वक्री स्थिति में रहना, चांदी के दाम बढ़ा सकता है.
ज्योतिषाचार्य दिलीप गुप्ता कहते हैं कि चांदी का संबंध शुक्र और चंद्रमा से है. चांदी शीतलता और मानसिक स्थिरता देती है. ऐसे में धनतेरस पर चांदी लेना शुक्र और चंद्रमा को मजबूत करने का ज्योतिषीय विकल्प हो सकता है. साथ ही जिन लोगों के लिए सोना खरीदना संभव नहीं है वे चांदी का सिक्का, जेवर, बर्तन या छोटा सा टुकड़ा खरीद सकते हैं.
कन्या में शुक्र का वक्री और नीच का होना संकेत दे रहा है कि मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि वालों को धनतेरस पर बहुत सोच-समझकर निवेश करना चाहिए. क्योंकि इनके लिए शुक्र की स्थिति अच्छे संकेत नहीं दे रही है. खासकरके ज्यादा मात्रा में चांदी खरीद रहे हैं, तो विचार कर लें. बाकी लोग अपने बजट के अनुसार बेफिक्र होकर चांदी ले सकते हैं. लेकिन अपनी लिमिट न भूलें.
(Disclaimer- यह जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं, ग्रहों की चाल और ज्योतिषाचार्य के विश्लेषण पर आधारित है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता है. सोना-चांदी में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें. सोने-चांदी की कीमतें बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती हैं. इसका उद्देश्य निवेश की सलाह देना नहीं है.)