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शुक्र ग्रह करीब 20-25 दिनों में राशि बदलते हैं, लेकिन कई बार वक्री चाल के कारण उनके गोचर के समय में अंतर हो जाता है. इस समय शुक्र तुला राशि में वक्री हैं और 8 नवंबर की दिवाली से पहले 6 नवंबर को शुक्र कन्या राशि में प्रवेश कर रहे हैं. धन, समृद्धि, भौतिक सुख, लग्जरी देने वाले शुक्र ग्रह 5 और 6 नवंबर की रात 12:45 बजे कन्या राशि में आएंगे. 22 नवंबर तक शुक्र कन्या राशि में रहेंगे और उसके बाद तुला राशि में आएंगे. यह समय 4 राशि वालों के लिए धन-दौलत, संपत्ति के मामले में शानदार रह सकता है.
इस बीच 14 नवंबर की सुबह 05:57 बजे शुक्र मार्गी भी हो जाएंगे. जिससे उनके सकारात्मक फल में और बढ़ोतरी हो सकती है. ज्योतिषाचार्य दिलीप गुप्ता से जानिए वो लकी राशियां कौन-सी हैं.
वृष राशि: वृष राशि वालों के स्वामी शुक्र हैं और दिवाली के समय शुक्र का ये गोचर आपको धन संबंधी लाभ कराएगा. जमीन खरीद सकते हैं या प्रॉपर्टी संबंधी डील फायदे में हो सकती है. कुल मिलाकर ये समय आपके लिए अचानक धन लाभ के योग बनेंगे. खासतौर पर 14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद आपके आकर्षण और रहन-सहन में बेहतरी आएगी.
कन्या राशि: कन्या राशि में ही शुक्र ग्रह प्रवेश कर रहे हैं और इसे खासा लाभ दे सकते हैं. आपको अचानक कहीं से पैसा मिल सकता है, जिसकी आपको उम्मीद नहीं थी. कारोबारियों की बड़ी डील हो सकती है. करियर के लिए अच्छा समय है. यदि आप किसी से बुरा न बोलें तो रिश्ते भी अच्छे रहेंगे.
धनु राशि: धनु राशि वालों के लिए शुक्र का गोचर और 14 नवंबर के बाद शुक्र की सीधी चाल अटका हुआ धन मिलने के योग बना रही है. दिवाली पर तगड़ा बोनस या कीमती तोहफा मिल सकता है. जिन लोगों के व्यापार में लंबे समय से मंदी थी, अब उसमें तेजी आएगी. ग्राहकों की भीड़ लग सकती है. स्टूडेंट्स के लिए भी समय सफलतादायी है.
कुंभ राशि: कुंभ राशि वाले लोग शुक्र के राशि परिवर्तन और सीधी चाल का अच्छा लाभ कमाएंगे. आपके जीवन में भौतिक सुख-सुविधाएं बढ़ सकती हैं. घर के लिए कीमती चीज खरीद सकते हैं. नौकरी करने वालों को कंपनी की ओर से महंगा दीपावली गिफ्ट या बोनस मिल सकता है. कुछ लोगों को किसी ऑफर के जरिए भी लाभ होने के योग हैं.
(Disclaimer: यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं एवं ग्रह गोचर की व्याख्याओं पर आधारित है. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें, न कि किसी निश्चित परिणाम या भविष्यवाणी के दावे के रूप में. किसी भी व्यक्ति पर ग्रह गोचर का प्रभाव उसकी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति, दशा, अंतर्दशा तथा अन्य ज्योतिषीय कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है.)