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दिवाली करीब आते ही ज्योतिषी इसके आसपास की ग्रह-दशाओं का विश्लेषण करने लगते हैं. ताकि पता चल सके कि दिवाली किसके लिए कैसी रहने वाली है. इस साल तो ग्रहों का मामला और भी खास है क्योंकि दिवाली से पहले 31 अक्टूबर 2026 को अतिचारी गुरु ने सूर्य की राशि सिंह में प्रवेश किया और वहां पहले से मौजूद केतु के साथ युति की. अब इससे एक कदम और आगे बढ़कर मंगल भी इन दोनों ग्रहों के साथ आ रहे हैं.
12 नवंबर 2026 को रात 08:30 बजे मंगल गोचर करके सिंह राशि में आ रहे हैं. जहां पहले से ही गुरु और केतु मौजूद हैं. इससे सूर्य की सिंह राशि में मंगल-गुरु और केतु मिलकर त्रिग्रही योग बनाएंगे. ज्योतिषाचार्य दिलीप गुप्ता कहते हैं कि अग्नि तत्व वाले मंगल भूमि और आक्रामकता के कारक हैं. गुरु सुख, सौभाग्य और ज्ञान देते हैं. वहीं क्रूर ग्रह केतु अचानक उतार-चढ़ाव देते हैं. ऐसे में 3 ग्रहों का मिलन कुछ राशि वालों की जिंदगी में अचानक उठापटक कर सकते हैं. लिहाजा इन लोगों को 12 नवंबर से 5 दिसंबर 2026 तक संभलकर रखें. 5 दिसंबर को केतु के गोचर होते ही यह युति टूट जाएगी.
1. कर्क राशि : कर्क राशि वालों के घर में तनाव बढ़ सकता है. कोई छोटी-मोटी पारिवारिक समस्या परेशान कर सकती है. शायद इसके कारण आपको अपने किसी प्रोग्राम में बदलाव करना पड़ सकता है. गुस्से से बचें. जो लोग प्रॉपर्टी, गाड़ी या ऐसी कोई महंगी चीज लेने की योजना बना रहे हैं, उसमें देरी हो सकती है या रुकावट आ सकती है. लिहाजा धैर्य रखें. जल्दबाजी न करें.
2. सिंह राशि : सिंह राशि में ही इन ग्रहों की तिकड़ी जमा हो रही है. जो थोड़ा लाभ देगी. लेकिन तंग भी करेगी. आपका घमंड आपको नुकसान देगा. कुछ लोगों का एक्सीडेंट होने या चोट-चपेट लगने की आशंका है. निवेश आराम से करें. खर्च ज्यादा रहेगा.
3. वृश्चिक राशि : आपकी लापरवाहियां और फोकस की कमी नौकरी में परेशानियां बढ़ा सकती है. अधिकारियों की बात ठीक से सुनें और फिर फॉलो करें. हड़बड़ी न करें, धैर्य से काम लें. सरकार या प्रशासन से जुड़ा काम अटक सकता है. अपने पेपर्स संभालकर रखें.
4. मीन राशि : मीन राशि वालों के लिए तो समय थोड़ा मुश्किल है क्योंकि शनि की साढ़ेसाती का दूसरा फेस भी चल रहा है. काम के साथ सेहत का भी ख्याल रखें. थकान, कमजोरी रह सकती है. पानी पीते रहें और कोई समस्या हो तो उसकी अनदेखी न करें. जरूरी कदम उठाएं.
(Disclaimer: यह सामग्री पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं एवं ग्रह गोचर की व्याख्याओं पर आधारित है. इसे सामान्य सूचना के रूप में देखें, न कि किसी निश्चित परिणाम या भविष्यवाणी के दावे के रूप में. किसी भी व्यक्ति पर ग्रह गोचर का प्रभाव उसकी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति, दशा, अंतर्दशा तथा अन्य ज्योतिषीय कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है.)