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दिवाली महापर्व के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है. कार्तिक अमावस्या की रात दिवाली मनाई जाएगी. इस साल दीपावली 8 नवंबर 2026, रविवार को है. इस तारीख के कारण ही इसे शनि वाली दिवाली कहा जा रहा है. दरअसल, न्यूमेरोलॉजी के अनुसार, अंक 8 के स्वामी शनि ग्रह हैं. इसलिए इस दिवाली पर शनि का प्रभाव रहेगा. शनि के साए में दिवाली कैसी रहेगी, साथ ही अपनी बर्थडेट से जानिए आपके लिए शनि वाली दिवाली क्या लेकर आएगी?
शनि न्याय और कर्म के देवता हैं. वे कर्म के अनुसार फल देते हैं. साथ ही शनि मेहनत, संघर्ष, खर्च, कर्ज, कामों में देरी के कारक हैं, लेकिन जब शनि प्रसन्न होते हैं तो खूब धन-दौलत, शोहरत, देते हैं. अब जानिए कि आपकी बर्थडेट अंक 8 की दोस्त है या दुश्मन? ताकि जान सकें कि आपके लिए ये दिवाली कैसी है.
अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 8 वालों के मित्र अंक हैं 3, 5, 6 और 7. यानी कि जिन लोगों की जन्मतारीख किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30, 6, 15, 24 , 7, 16 या 25 है उनके लिए ये दिवाली धन, संपत्ति और करियर में तरक्की दे सकती है. जिन लोगों का पैसा फंसा हुआ है, अब वो मिल सकता है. वहीं जो लोग प्रॉपर्टी खरीदना-बेचना चाहते हैं, उनकी फायदेमंद डील हो सकती है.
उपाय: आप दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा में पीली कौड़ी अर्पित करें और फिर उन्हें अपने धनस्थान पर रखें.
न्यूमेरोलॉजी के अनुसार मूलांक 8 के दुश्मन अंक - 1, 2, 4, और 9 है. यानी कि जिन लोगों की बर्थडेट 1, 10, 19, 28, 2, 11, 20, 29, 4, 13, 22, 31, 9, 18, 27 है. उनके लिए दिवाली के मौके पर लापरवाही करना नुकसान दे सकता है. जैसे बिना जांच किए ऑनलाइन शॉपिंग या पैसे से जुड़ा फ्रॉड हो सकता है. कोई इलेक्ट्रॉनिक आइटम खराब हो सकता है या उससे नुकसान हो सकता है. ललचाने वाले ऑफर्स देखकर आप EMI या क्रेडिट कार्ड के जाल में फंस सकते हैं. जिससे बाद में आपको धन हानि या तंगी का सामना करना पड़ सकता है.
जिन लोगों का मूलांक 8 है यानी कि किसी भी महीने की 8, 17, 26 तारीख को जन्म हुआ है. उनके लिए दिवाली औसत या सामान्य फलदायी रह सकती है.
ज्योतिषाचार्य एवं न्यूमेरोलॉजिस्ट दिलीप गुप्ता कहते हैं कि शनि के साए वाली दिवाली का मतलब है कि यह दिखावे की बजाय टिकाऊ पैसे के मामले में ज्यादा अच्छी रहेगी. यानी कि जो लोग सोना-चांदी, जमीन, SIP में लंबे समय के लिए निवेश करेंगे, उन्हें लाभ होने की पूरी संभावना बन रही है.
- दिवाली की पूजा करते समय ध्यान रखें कि लोहे की चीजें आसपास भी न हों. मतलब लक्ष्मी जी को लोहे की तिजोरी में रखकर न पूजें, बल्कि लकड़ी की चौकी पर रखें.
- दिवाली के दिन अपने मुख्य द्वार पर 7 दीपक घी के और 1 सरसों के तेल का जलाएं.
- काली चीजों का दान कर सकते हैं. दिवाली के अगले सफाई कर्मियों को काले तिल के लड्डू दान करें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष, अंकशास्त्र और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल सूचना देना है. Zee News इसकी पुष्टि नहीं करता है. कोई भी उपाय करने या निर्णय लेने से पहले योग्य एवं विश्वसनीय ज्योतिषी से सलाह जरूर लें.)