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मध्य प्रदेश में चक्रवात 'अर्नब' का असर अब कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसके लो प्रेशर एरिया (कम दबाव के क्षेत्र) में तब्दील होने के बाद भी प्रदेश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है. इस सिस्टम की वजह से बनी नमी के कारण नवंबर की शुरुआत में ही राज्य भर में फिर से बारिश का अनुमान जताया गया है. पिछले तीन दिनों से ज्यादातर जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे दिन और रात के तापमान में गिरावट आई है और ठंड की दस्तक शुरू हो गई है. इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को राज्य के 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है.
इस मौसमी प्रणाली का सबसे अधिक असर राज्य के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में देखने को मिला है. ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभागों के कई जिलों में भारी बारिश हुई है. खास तौर पर अनूपपुर और अमरकंटक में 3 इंच तक बारिश दर्ज की गई, जहां हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी. इस दौरान मौसम पूरी तरह से बदल गया.
मौसम विभाग ने आज रविवार को बुरहानपुर, खंडवा,, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का अलर्ट जारी किया है.
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, जबलपुर, कटनी और नरसिंहपुर में धूप खिलेगी.
बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. खेतों में खड़ी धान की पकी फसल और मंडियों में खुले में रखा अनाज भीगने की वजह से खराब हो रहा है. अकेले पांढुर्णा जिले में ही हजारों क्विंटल मक्का बर्बाद हो गया है. हालांकि, इस बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह है कि पूरे राज्य में दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अक्टूबर के आखिर में अचानक ठंडक महसूस होने लगी है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह दौर 2 नवंबर तक जारी रह सकता है.
मौसम विभाग के इन पूर्वानुमानों को देखते हुए किसानों और आम जनता को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की आवश्यकता है. जिन इलाकों में बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है, वहां फसलों को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए.